धरमजयगढ़ में हुए दर्दनाक सड़क हादसे का बड़ा खुलासा रविवार को हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया कि जिस कार ने तीन लोगों की जान ली, उसे 15 वर्षीय नाबालिग किशोरी चला रही थी। पुलिस ने नाबालिग को हिरासत में लेकर धारा 105 बीएनएस (गैर इरादतन हत्या) के तहत कार्रवाई की है। साथ ही किशोरी के पिता घनश्याम महिलाने को भी आरोपी बनाया गया है, जिन्होंने बिना लाइसेंस के अपनी बेटी को कार चलाने दी थी। उल्लेखनीय है कि 30 अक्टूबर की रात रॉन्ग साइड से तेज रफ्तार में आ रही कार ने पहले सड़क किनारे खड़ी एक महिला को कुचल दिया, फिर बाइक सवार दो युवकों को भी चपेट में लिया। मौके पर ही तीनों की मौत हो गई थी।

घटना के बाद पुलिस ने शुरुआत में मामूली जमानती धारा 106(1) के तहत केस दर्ज किया था, जिससे आरोपी पक्ष को राहत मिलती दिख रही थी। तीन दिनों तक न तो किसी आरोपी का नाम सामने आया और न ही किसी की गिरफ्तारी हुई। पुलिस की चुप्पी पर सवाल उठने के बाद आखिरकार रविवार को प्रेस नोट जारी कर खुलासा किया गया कि कार नाबालिग चला रही थी। अब पिता घनश्याम महिलाने के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 199 समेत अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने कहा कि ऐसे मामलों में अब लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

रायगढ़ में बढ़ रहे नाबालिग चालक, अब तक 20 पर कार्रवाई

रायगढ़ जिले में नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। ट्रैफिक डीएसपी उत्तम प्रताप सिंह के अनुसार इस वर्ष अब तक 20 नाबालिग चालकों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जा चुकी है और कुल 31,500 रुपए का जुर्माना वसूला गया है। कानून के अनुसार 16 वर्ष की आयु वाले किशोर केवल बिना गियर वाले दोपहिया वाहन को मान्य लर्निंग लाइसेंस के साथ चला सकते हैं, जबकि 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर ही अन्य वाहन चलाने की अनुमति होती है। बावजूद इसके, शहर की सड़कों पर स्कूल-कॉलेज के छात्र बिना लाइसेंस और सुरक्षा के तेज रफ्तार में वाहन दौड़ाते देखे जा रहे हैं, जो भविष्य के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है।

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