संगठित गिरोह की सक्रियता से बढ़ी चिंता, शहरवासियों में असुरक्षा का माहौल
रायगढ़ जिले में इन दिनों बाइक चोरी की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं, जिससे आम लोगों में असुरक्षा की भावना गहराती जा रही है। ऐसा प्रतीत होता है कि जिले में कोई संगठित गिरोह सक्रिय है, जो सुनियोजित तरीके से इन वारदातों को अंजाम दे रहा है। ताज़ा मामला चंद्रपुर थाना क्षेत्र के निवासी का है, जिसने रिपोर्ट में बताया कि 8 नवंबर 2025 को वह अपने ससुर हमीद अली के नाम पंजीकृत हीरो पैशन प्रो (क्रमांक CG11 AD 6049) से रायगढ़ आया था। शाम करीब पांच बजे उसने बाइक को पुलिस ऑफिस के बगल स्थित कॉम्प्लेक्स के सामने खड़ा कर मोबाइल खरीदने के लिए ऊपर गया। करीब आधे घंटे बाद जब नीचे लौटा, तो देखा कि बाइक गायब थी। आसपास तलाश और पूछताछ करने पर भी कोई पता नहीं चला। चोरी गई बाइक का इंजन नंबर HA10ETFHD25035 और चेचिस नंबर MBLHA10BJFHD24827 है, जिसकी कीमत करीब पंद्रह हजार रुपये बताई गई है। पीड़ित ने रिपोर्ट दर्ज कराते हुए मामले में कार्रवाई की मांग की है।
लगातार वारदातों से बढ़ी बेचैनी,पुलिस को चैलेंज देते चोर
यह कोई एकलौता मामला नहीं है। हाल ही में तमनार, घरघोड़ा और जिले के अन्य इलाकों में भी कई बाइक चोरी की घटनाएं सामने आई हैं। चोर अब खुलेआम भीड़भाड़ वाले स्थानों को निशाना बना रहे हैं। दिनदहाड़े हो रही ये घटनाएं पुलिस की पेट्रोलिंग और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही हैं। कई पीड़ितों ने शिकायतें दर्ज कराईं, लेकिन ठोस कार्रवाई अब तक नहीं हो सकी। लगातार बढ़ती इन वारदातों से नागरिकों में आक्रोश और बेचैनी है। लोग अब अपने वाहनों की सुरक्षा को लेकर स्वयं सतर्क रहने लगे हैं, जबकि प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
सीसीटीवी और पेट्रोलिंग के बावजूद चोर बेखौफ
बढ़ती वारदातों ने पुलिस की बढ़ाईं चुनौतियां
यह चौंकाने वाली बात है कि शहर के प्रमुख क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे लगे होने और पुलिस की गश्त के दावे के बावजूद चोर इतनी सहजता से वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। चोरी की गई बाइकों को कहां खपाया जा रहा है, यह भी एक बड़ा सवाल है। जिले में अपराधियों की बढ़ती हिम्मत ने कानून-व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। अब देखना यह होगा कि पुलिस इस बढ़ती बाइक चोरी की चुनौती से निपटने के लिए क्या ठोस कदम उठाती है, या फिर यह संगठित गिरोह इसी तरह जिले भर में सक्रिय बना रहेगा।



