🟥 साप्ताहिक बाजार में फुटकर दुकानों पर कार्रवाई, बड़े कब्जों और अव्यवस्थाओं पर उठे सवाल
सड़क किनारे दुकानों को हटाया गया, जाम कम करने के प्रयासों पर मिली-जुली प्रतिक्रिया
घरघोड़ा। बुधवार को लगने वाले साप्ताहिक बाजार के दौरान लैलूंगा रोड से जय स्तंभ चौक तक सड़क किनारे बैठने वाले छोटे फुटकर दुकानदारों पर नगर पंचायत ने कार्रवाई की। सब्जी, फल और अन्य रोजमर्रा की दुकानों के कारण लंबे समय से यहां जाम की स्थिति बनती रही है। इसी समस्या को देखते हुए SDM के निर्देश पर नगर पंचायत की टीम ने अचानक सख्ती करते हुए दुकानदारों को हटाया। CMO के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई के दौरान पुलिस भी मौके पर तैनात रही ताकि किसी प्रकार की बहस या विवाद की स्थिति न बने। कार्रवाई के बाद कुछ समय के लिए यातायात सामान्य दिखाई दिया, लेकिन लोगों ने सवाल उठाया कि क्या यह व्यवस्था स्थायी रूप से कायम रह पाएगी। नागरिकों का कहना है कि जाम की समस्या का समाधान केवल इन छोटे दुकानदारों को हटाने से संभव नहीं है, क्योंकि शहर के कई हिस्सों में इससे भी बड़ी व्यवस्थागत कमियां मौजूद हैं जिन पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
कार्रवाई पर उठे सवाल: गरीबों पर ही डंडा क्यों, बड़े कब्जों पर चुप्पी?
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रशासन छोटे दुकानदारों को जाम का मुख्य कारण बताकर हर बार कार्रवाई करता है, जबकि शहर में आवारा पशुओं से लगातार जाम की स्थिति बनती है, लेकिन इस दिशा में कोई ठोस पहल दिखाई नहीं देती। लोग यह भी कहते हैं कि शहर के कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों और सफेदपोश नेताओं द्वारा किए गए कथित अवैध कब्जों पर वर्षों से चर्चा होती आ रही है, लेकिन उन पर कार्रवाई नगण्य रहती है। नागरिकों का तर्क है कि यदि प्रशासन का उद्देश्य वास्तव में यातायात सुधारना है, तो उसे सभी प्रकार के कब्जों और अव्यवस्थाओं पर समान कड़ाई बरतनी चाहिए, न कि सिर्फ गरीब फुटकर दुकानदारों पर ही डंडा चलाकर खानापूर्ति करनी चाहिए। नगर पंचायत का कहना है कि जाम और अव्यवस्था को कम करने के लिए आगे भी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
