कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, कहा—किसी भी कंपनी को नहीं देंगे जमीन

घरघोड़ा विकासखंड के ग्राम पंचायत नूनदरहा के ग्रामीणों ने कोल ब्लॉक के लिए की जा रही भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया का कड़ा विरोध किया है। सोमवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपते हुए भू-अर्जन की कार्यवाही को निरस्त करने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि वे पीढ़ियों से अपनी जमीन पर खेती-किसानी कर जीवनयापन कर रहे हैं और अब किसी कंपनी को अपनी भूमि नहीं देना चाहते। उनका कहना है कि अधिग्रहण होने पर न केवल उनकी रोजी-रोटी छिन जाएगी, बल्कि गांव की शांति और पर्यावरण पर भी बुरा असर पड़ेगा। उन्होंने प्रशासन से सवाल किया कि क्या विकास का मतलब लोगों को उनकी जमीन और पहचान से अलग करना है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी बात नहीं सुनी तो वे शांतिपूर्ण आंदोलन को मजबूर होंगे।
स्थानीयों ने जताई नाराजगी, कहा—हम विकास के खिलाफ नहीं, पर जमीन नहीं देंगे
ग्रामीणों ने बताया कि कोल ब्लॉक परियोजना के नाम पर निजी कंपनियां क्षेत्र की उपजाऊ जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रही हैं। इससे किसानों, मजदूरों और वन पर निर्भर परिवारों की आजीविका खतरे में पड़ जाएगी। उन्होंने कहा कि पहले भी कंपनियों ने रोजगार और विकास का वादा किया था, लेकिन उसके बदले गांवों को केवल प्रदूषण और उजड़ते घर मिले। प्रदर्शन में महिलाएं और बुजुर्ग भी बड़ी संख्या में शामिल हुए और कहा कि उनकी जमीन ही उनका सहारा और पहचान है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि भू-अर्जन की प्रक्रिया तुरंत रोकी जाए और किसी भी निर्णय से पहले ग्राम सभा की सहमति ली जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में गांव के अनेक किसान, महिला समूह और युवा शामिल थे।

