
चैतन्य बघेल की न्यायिक रिमांड बढ़ी, अब 29 अक्टूबर तक रहेंगे जेल में
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले मामले में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कोर्ट ने उनकी रिमांड अवधि बढ़ाते हुए उन्हें 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। बुधवार को रिमांड खत्म होने पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उन्हें रायपुर स्थित एसीबी-ईओडब्ल्यू की विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां सुनवाई के बाद कोर्ट ने यह आदेश जारी किया। इसका मतलब है कि इस बार चैतन्य बघेल की दिवाली जेल में ही बीतेगी। मामले से जुड़े सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसी ने अब तक पूछताछ के दौरान कई अहम दस्तावेज और डिजिटल सबूत जुटाए हैं। जांच टीम की दलील थी कि चैतन्य बघेल की भूमिका मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े वित्तीय लेनदेन में संदिग्ध पाई गई है।
दो हजार करोड़ के शराब घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप
गौरतलब है कि चैतन्य बघेल को उनके जन्मदिन 18 जुलाई के दिन भिलाई स्थित घर से ईडी ने गिरफ्तार किया था। उन पर दो हजार करोड़ रुपये के शराब घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए लाभ उठाने का आरोप है। ईडी ने उन्हें धन शोधन निवारण अधिनियम की धारा 19 के तहत हिरासत में लिया था। एजेंसी का दावा है कि चैतन्य से जुड़ी कुछ कंपनियों के खातों में लगभग 17 करोड़ रुपये की ‘अपराध आय’ पाई गई है, जो कथित शराब घोटाले से संबंधित है। बताया जा रहा है कि जांच में करीब 1,070 करोड़ रुपये के वित्तीय प्रवाह की भी पड़ताल की जा रही है। ईडी का कहना है कि छापेमारी के दौरान चैतन्य ने सहयोग नहीं किया, जिसके चलते जांच और भी गहराई तक पहुंच गई है।
