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घरघोड़ा (रायगढ़)। त्योहारी सीजन के बीच घरघोड़ा का बाजार इस बार उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाया। दिवाली के मौके पर जहां आमतौर पर दुकानों में खरीददारों की भीड़ उमड़ती है, वहीं इस बार बाजार की रौनक फीकी रही। इलेक्ट्रॉनिक से लेकर घरेलू सामान तक की बिक्री में 25 से 30 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। दुकानदारों का कहना है कि पिछले साल की तुलना में इस बार टीवी, फ्रिज, मोबाइल, बर्तन और कपड़ों की बिक्री आधी रह गई है। महंगाई और कमजोर आमदनी के कारण उपभोक्ता केवल आवश्यक वस्तुएं ही खरीद रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले ग्राहक भी इस बार सीमित बजट लेकर बाजार पहुंचे हैं। बाजार समिति के अनुसार, कई दुकानों पर स्टॉक बचा हुआ है और भारी डिस्काउंट देने के बावजूद ग्राहक आकर्षित नहीं हो रहे।

कमजोर आमदनी और महंगाई बनी मुख्य वजह

कृषि क्षेत्र की कमजोर आमदनी इस मंदी की बड़ी वजह मानी जा रही है। धान की कीमतें उम्मीद के अनुसार न बढ़ने और कृषि उत्पादों की कम बिक्री से ग्रामीण उपभोक्ताओं की जेब ढीली नहीं हुई। इसके अलावा सोने-चांदी और जरूरी सामानों के दाम में तेज़ उछाल ने भी लोगों को खर्च सीमित करने पर मजबूर किया है। बाजार में भले ही भीड़ नज़र आई हो, लेकिन खरीदारी सिर्फ जरूरत तक सीमित रही। धनतेरस पर भी जहां पहले इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स और बर्तनों की खरीदारी जोरों पर रहती थी, इस बार ग्राहक छोटे बजट की वस्तुएं जैसे एलईडी बल्ब, सस्ते सजावटी सामान या छोटे किचन अप्लायंसेस तक सीमित रहे।

राहत की उम्मीद पर टिकी व्यापारी नजरें

स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि लगातार घटती बिक्री से शोरूम और किराया खर्च निकालना मुश्किल हो गया है। व्यापारी संघ ने सरकार से ग्रामीण बाजारों के लिए विशेष पैकेज, सस्ता ऋण और आसान ईएमआई सुविधा की मांग की है। उनका मानना है कि जब तक ग्रामीण आमदनी और क्रय शक्ति नहीं बढ़ेगी, तब तक छोटे शहरों के बाजारों में रौनक लौटना मुश्किल है। वहीं, प्रशासन का कहना है कि सरकार की योजनाओं और सब्सिडी के ज़रिए धीरे-धीरे बाजार को राहत मिलने की उम्मीद है। फिलहाल व्यापारी उम्मीद लगाए बैठे हैं कि दिवाली के बाद शादी सीजन में कुछ हद तक कारोबार सुधर सकेगा।

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