
सूरत स्टेशन पर यात्रियों की बाढ़, दिल्ली-मुंबई ट्रेनों में भारी भीड़
देश भर में त्यौहारों का मौसम शुरू होते ही सूरत और उधना रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की ऐसी भीड़ उमड़ी कि प्लेटफॉर्म से लेकर बाहर सड़क तक लोगों की कतारें लग गईं। उत्तर भारत की ओर जाने वाली ट्रेनों को पकड़ने के लिए हजारों यात्री रविवार देर रात से ही स्टेशन पहुंचने लगे। स्थिति यह रही कि स्टेशन के बाहर करीब दो किलोमीटर लंबी लाइन लग गई। भीड़ को काबू में रखने के लिए पुलिस और आरपीएफ को मोर्चा संभालना पड़ा। कई यात्रियों ने बताया कि टिकट और ट्रेन पकड़ने के इंतज़ार में उन्हें घंटों खड़े रहना पड़ा, जबकि कई लोग ट्रेन छूट जाने की आशंका से पहले ही स्टेशन पहुंच गए थे।
त्योहारों में घर लौटने की होड़, रेल प्रशासन के हाथ-पांव फूले
हर साल दिवाली और छठ पूजा के मौके पर सूरत में काम करने वाले प्रवासी मजदूर अपने घर लौटते हैं, लेकिन इस बार स्थिति पिछले वर्षों से कहीं ज्यादा गंभीर रही। रेलवे के मुताबिक, सूरत और उधना स्टेशन से उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड की दिशा में जाने वाली ट्रेनों की मांग अचानक कई गुना बढ़ गई है। भीड़ को देखते हुए रेलवे ने अतिरिक्त ट्रेनों का संचालन शुरू किया है, फिर भी सीटें कुछ ही मिनटों में भर जा रही हैं। प्रशासन ने स्टेशन परिसर में अस्थायी होल्डिंग एरिया बनाए हैं, जहाँ यात्रियों को चरणबद्ध तरीके से प्लेटफॉर्म तक भेजा जा रहा है।
पुलिस की सख्ती और यात्रियों की परेशानी
भीड़ संभालने के लिए स्टेशन पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। आरपीएफ और जीआरपी जवान लगातार गश्त कर रहे हैं ताकि भगदड़ जैसी स्थिति न बने। कई स्थानों पर ड्रोन से निगरानी भी शुरू की गई है। इसके बावजूद यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है — महिलाएं और छोटे बच्चे खुले में बैठे हैं, जबकि कुछ लोग ट्रेन छूटने के डर से घंटों पहले लाइन में खड़े हैं। स्टेशन पर अफरा-तफरी का आलम यह था कि आवाजाही के लिए जगह तक नहीं बची। प्रशासन का कहना है कि त्योहारों के बाद हालात धीरे-धीरे सामान्य हो जाएंगे, लेकिन फिलहाल यात्रियों से धैर्य और सहयोग की अपील की जा रही है।



