पूरी प्रक्रिया होगी डिजिटल और पारदर्शी

रायपुर। छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो गई है। इस बार 2 करोड़ 80 लाख से अधिक मतदाताओं का विवरण डिजिटल माध्यम से सत्यापित किया जाएगा। राज्य मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी यशवंत कुमार ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इस प्रक्रिया में पारदर्शिता और तकनीकी सटीकता पर विशेष जोर दिया गया है। उन्होंने कहा कि राज्यभर में 30 हजार अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, जो तय समयावधि में कार्य पूरा करेंगे। विशेष बात यह है कि 95 प्रतिशत मतदाताओं को किसी प्रकार का दस्तावेज दिखाने की आवश्यकता नहीं होगी, केवल आवश्यक मामलों में ही पहचान पत्र या प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा।

डिजिटल सत्यापन और घर-घर गणना की प्रक्रिया तय

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि SIR की तैयारी दो चरणों में पूरी की जाएगी। पहला चरण—मुद्रण एवं प्रशिक्षण—28 अक्टूबर से 3 नवंबर 2025 तक चलेगा। इस दौरान सभी संबंधित अधिकारियों को मतदाता सूची के प्रारूप, अद्यतन प्रक्रिया और बूथवार जिम्मेदारियों की जानकारी दी जाएगी। इसके बाद दूसरा चरण 4 नवंबर से 4 दिसंबर 2025 तक चलेगा, जिसमें घर-घर जाकर गणना (डोर-टू-डोर वेरिफिकेशन) का कार्य किया जाएगा। मतदाता विवरण की जांच पूरी तरह ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से की जाएगी ताकि किसी प्रकार की त्रुटि या दोहराव न रहे।

इन दस्तावेजों से होगा सत्यापन, 95% को नहीं दिखाना पड़ेगा प्रमाण

मतदाता पहचान सत्यापन के लिए आयोग ने कई मान्य दस्तावेजों की सूची जारी की है। इनमें केंद्र या राज्य सरकार, सार्वजनिक उपक्रम या बैंक द्वारा जारी पहचान पत्र, पेंशन भुगतान आदेश, पासपोर्ट, जन्म प्रमाणपत्र, शैक्षणिक प्रमाणपत्र, स्थायी निवास प्रमाणपत्र, वन अधिकार पत्र, जाति प्रमाणपत्र, परिवार रजिस्टर, भूमि या मकान आवंटन प्रमाणपत्र आदि शामिल हैं। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि आधार से संबंधित मामलों में 9 सितंबर 2025 के निर्देश लागू रहेंगे। निर्वाचन पदाधिकारी ने अपील की है कि मतदाता अपने विवरण सही ढंग से सत्यापित करें ताकि आगामी चुनाव में किसी का नाम सूची से न छूटे।

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