रायगढ़ जिला मुख्यालय के बस स्टैंड परिसर में हुई बड़ी चोरी की वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। जानकारी के अनुसार, घर जाने के लिए बस न मिलने पर दो युवक यात्री प्रतीक्षालय में रात गुजारने के लिए ठहर गए थे, लेकिन यह ठहराव उनके लिए मुसीबत बन गया। देर रात किसी समय अज्ञात चोरों ने उनके बैग का चैन खोलकर अंदर रखे एक लाख रुपये नगद, दोनों के पर्स और कई जरूरी दस्तावेज चोरी कर लिए। घटना सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र की है। कटाईपाली डी निवासी गजेन्द्र कुमार राठिया ने बताया कि वह अपने साथी विजय कुमार राठिया के साथ बिलासपुर न्यायालय गया था। वहां से एक्सीडेंट सहायता राशि के रूप में 1 लाख रुपये लेकर लौट रहा था। रात में बस न मिलने पर दोनों ने बस स्टैंड के प्रतीक्षालय में सोने का निर्णय लिया। सुबह जब गजेन्द्र की आंख खुली, तो उसने देखा कि बैग खुला पड़ा है और सारा सामान गायब है।
महत्वपूर्ण दस्तावेज भी हुए चोरी
चोरी गए सामान में दोनों युवकों के पर्स, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, ई-श्रम कार्ड, आयुष्मान कार्ड, वोटर आईडी और मोटरसाइकिल के कागजात शामिल हैं। गजेन्द्र ने इसकी शिकायत सिटी कोतवाली थाने में दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धारा 303(2) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। पुलिस अब आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपियों का सुराग मिल सके। फिलहाल, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि वारदात में एक से अधिक लोग शामिल थे या नहीं। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आसपास के लोगों से पूछताछ भी शुरू कर दी है।
बस स्टैंड सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल
इस घटना के बाद रायगढ़ बस स्टैंड की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय यात्रियों ने नाराजगी जताई है कि रात के समय परिसर में न तो सुरक्षा गार्ड रहते हैं और न ही पुलिस की नियमित गश्त होती है। इससे यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि शहर के सबसे व्यस्त बस स्टैंड पर कैमरे तो लगे हैं, लेकिन उनकी निगरानी और रखरखाव ठीक से नहीं होता। अब देखना यह है कि पुलिस जांच के बाद चोरों तक कब पहुंचती है और क्या इस घटना के बाद बस स्टैंड की सुरक्षा व्यवस्था में सुधार होता है या नहीं।

