
रायगढ़। घरघोड़ा ब्लॉक के बरौद-बिजारी क्षेत्र में सोमवार को युवा कांग्रेस नेता उस्मान बेग के नेतृत्व में एसईसीएल के खिलाफ जबरदस्त आंदोलन फूट पड़ा। सुबह से ही सैकड़ों ग्रामीण खदान गेट पर डटे रहे और कंपनी प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए खदान का संचालन पूरी तरह ठप करा दिया। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि एसईसीएल अरबों की रॉयल्टी तो देती है, पर स्थानीय लोगों को सड़क, बिजली, पानी और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिलीं। ग्रामीणों ने कहा कि डीएमएफ और सीएसआर की राशि का उपयोग केवल जिला मुख्यालय या दूसरे इलाकों में होता है, जबकि खदान से प्रभावित गांव आज भी विकास से कोसों दूर हैं।

“कंपनी का विकास कागज़ों पर, ज़मीन पर अंधेरा” — उस्मान बेग
आंदोलन का नेतृत्व करते हुए उस्मान बेग ने कहा कि “एसईसीएल का विकास सिर्फ रिपोर्टों में दिखता है, गांवों में नहीं।” उन्होंने बताया कि कंपनी स्थानीय युवाओं की उपेक्षा कर बाहरी लोगों को रोजगार दे रही है, जिससे क्षेत्र में बेरोजगारी बढ़ी है। प्रदर्शनकारियों ने चेताया कि जब तक क्षेत्र के लोगों को हक नहीं मिलेगा, आंदोलन जारी रहेगा। मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी और एसईसीएल प्रबंधन ने स्थिति संभालने के लिए आंदोलनकारियों से बातचीत की और 30 दिनों के भीतर सभी मांगों पर कार्रवाई करने का लिखित आश्वासन दिया।

आंदोलन स्थगित, पर चेतावनी बरकरार — “अबकी बार घेराव रायगढ़ में होगा”
लिखित आश्वासन मिलने के बाद आंदोलन अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया, लेकिन उस्मान बेग ने साफ कहा कि अगर तय समय में वादे पूरे नहीं हुए तो अगला कदम रायगढ़ स्थित एसईसीएल जीएम कार्यालय का घेराव होगा। उन्होंने प्रशासन को चेताया कि इस बार खदान बंद हुई है, अगली बार पूरा सिस्टम ठप हो सकता है। ग्रामीणों ने भी साफ कर दिया कि यह लड़ाई अब रुकने वाली नहीं, जब तक क्षेत्र में विकास और न्याय नहीं मिलता, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा।





