
बंगाल के बहारामपुर के खगरा श्मशान घाट दुर्गा पूजा समिति ने इस वर्ष अपने 59वें दुर्गोत्सव समारोह को एक अनोखे अंदाज में सजाया है। इस बार पंडाल की सबसे बड़ी चर्चा का केंद्र बनी है असुर की वह मूर्ति, जिसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रूप में गढ़ा गया है। प्रसिद्ध कलाकार असीम पाल की कारीगरी से तैयार की गई यह प्रतिमा देखते ही बनती है और लोगों की भारी भीड़ इसे देखने के लिए उमड़ रही है। आयोजकों के मुताबिक यह थीम सिर्फ कलात्मक प्रयोग नहीं, बल्कि भारत-अमेरिका संबंधों में हालिया तनावों और वैश्विक राजनीति की झलक भी है। मूर्ति के जरिए यह संदेश दिया गया है कि ट्रंप ने भारत के साथ विश्वासघात किया और मित्रता की आड़ में भारत के हितों को चोट पहुंचाई। इस अनूठे विचार को दर्शकों ने भी खासा सराहा है और पूरे क्षेत्र में इस थीम की चर्चाएं जोर पकड़ रही हैं। पंडाल में प्रवेश करते ही दर्शकों को पारंपरिक धार्मिक रंग-रूप के साथ-साथ समकालीन राजनीति का तीखा व्यंग्य भी महसूस होता है। यही कारण है कि यह दुर्गा पूजा इस वर्ष बंगाल ही नहीं, पूरे देश में चर्चा का विषय बन गई है।
अमेरिका-भारत रिश्तों पर कटाक्ष
पूजा समिति के आयोजकों का कहना है कि असुर के रूप में ट्रंप की मूर्ति अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा भारत के साथ किए गए कथित विश्वासघात का प्रतीक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई मौकों पर डोनाल्ड ट्रंप को मित्र मानते हुए विदेश नीति के मुद्दों पर सहयोग की उम्मीद जताई थी, लेकिन व्यवहारिक तौर पर ट्रंप प्रशासन की कई नीतियों को भारत के हितों के खिलाफ माना गया। आयोजकों ने बताया कि यह मूर्ति उन्हीं विरोधाभासों और निराशाओं को उजागर करती है, जो भारत-अमेरिका संबंधों में हाल के वर्षों में सामने आई हैं।
लोगों की भारी भीड़, बढ़ी उत्सुकता
इस थीम को देखने के लिए दूर-दूर से लोग बहारामपुर पहुंच रहे हैं। पंडाल में दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ रही है और लोग अपने कैमरों में इस अनोखी झलक को कैद कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बार की दुर्गा पूजा ने केवल धार्मिक आस्था ही नहीं, बल्कि राजनीतिक सोच और सामाजिक चर्चा को भी एक मंच पर ला दिया है। पंडाल की रौनक और मूर्ति की चर्चा ने आयोजन को खास बना दिया है और यह उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में यहां दर्शकों की संख्या और बढ़ेगी।
