
घरघोड़ा में यत्र तत्र झूलते मौत के तार ???
खुले ट्रांसफार्मर, कम ऊंचाई वाले हाई वोल्टेज खम्भे
करंट लगने की दो घटनाओं के बाद जागेगा घरघोड़ा प्रशासन ?
घरघोड़ा शहर में रविवार को दर्दनाक हादसा उस वक्त हो गया जब साहिल बर्मन नामक युवक की मौत 11 हजार वोल्ट के तार से करंट लगने से हो गई। घटना छाल रोड स्थित मंदिर के पास की है, जहां साहिल आगामी त्योहारों को देखते हुए लाइट लगाने का काम कर रहा था। तभी अचानक उसका हाथ ऊपर से गुज़र रहे हाईवोल्टेज तार से छू गया और वह करंट की चपेट में आ गया। मौके पर ही उसकी मौत हो गई। इस हादसे के बाद पूरे इलाके में मातम और गुस्से का माहौल है। गौरतलब है कि इससे पहले भी जय स्तम्भ चौक के पास एक युवक बिजली के तारों की चपेट में आने के बाद पहली मंजिल से नीचे गिर पड़ा था, जिसकी हालत गंभीर बनी हुई है। लगातार हो रहे हादसों ने शहर में बिजली विभाग की लापरवाही को उजागर कर दिया है। खुले तार, झूलती लाइनें और बिना ढक्कन वाले ट्रांसफार्मर हर दिन जानलेवा खतरा बने हुए हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग अब तक आंख मूंदे हुए है।
बिजली विभाग की लापरवाही पर भड़के लोग
शहर के लगभग हर मोहल्ले में बिजली के झूलते तार और खुले ट्रांसफार्मर हादसों का सबब बने हुए हैं। छाल रोड हो या जय स्तम्भ चौक, कई स्थानों पर तार महज ट्रक और बस की ऊँचाई पर लटकते नजर आते हैं। बारिश और धूल-मिट्टी से ट्रांसफार्मरों में शॉर्ट सर्किट का खतरा हमेशा बना रहता है। लोगों का कहना है कि कई बार विभाग को शिकायतें की गईं, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। साहिल की मौत के बाद लोगों में आक्रोश है और हर कोई यही कह रहा है कि अब अगर स्थिति नहीं सुधरी तो आने वाले दिनों में और बड़ी दुर्घटनाएँ हो सकती हैं।
त्योहारों से पहले सुरक्षा इंतजाम की मांग
नवरात्रि और दीपावली जैसे बड़े त्योहार करीब हैं। इन अवसरों पर पूरे शहर में झालर और सजावटी लाइटें लगाई जाती हैं। ऐसे में झूलते तार और खुले ट्रांसफार्मर लोगों की जान के लिए और भी बड़ा खतरा बन जाएंगे। स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और बिजली विभाग से मांग की है कि त्योहारों से पहले शहर के सभी बिजली तारों और ट्रांसफार्मरों की मरम्मत व सुरक्षा के ठोस इंतजाम किए जाएँ, ताकि किसी और घर का चिराग यूँ ही न बुझने पाए।
