खेतों को रौंद रहा हाथियों का झुंड, दहशत में ग्रामीण

करतला वन मण्डल अंतर्गत ग्राम रामपुर व उसके आसपास के जंगलों में पिछले पंद्रह दिनों से हाथियों का विशाल झुंड लगातार सक्रिय है। करीब 50 की संख्या वाले इन जंगली हाथियों ने ग्रामीण इलाकों में प्रवेश कर धान की खड़ी फसलों को रौंद डाला है, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। खेतों में कई एकड़ तक धान की बालियाँ पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। इस बीच बुधवार देर रात हाथियों के आतंक ने एक और त्रासदी को जन्म दिया। बताया गया कि करीब 11 बजे एक मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति हाथियों के बीच फँस गया, जहां एक दंतैल ने उसे पटक-पटककर मौत के घाट उतार दिया। अचानक हुई इस घटना से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है और ग्रामीणों में गहरी चिंता व्याप्त है। लगातार हाथियों की आवाजाही से लोग घरों से बाहर निकलने में भी डर रहे हैं।

बस स्टैंड से जंगल की ओर गया और लौटी लाश

मृतक व्यक्ति लंबे समय से मानसिक रूप से कमजोर था और रामपुर बस स्टैंड के आस-पास ही अपना जीवन व्यतीत करता था। वह लोगों द्वारा फेंके गए कचरे को अपने शरीर पर लपेटकर घूमता था और दिनभर होटलों से बचा-खुचा भोजन प्राप्त कर पेट भरता था। शाम ढलते ही वह किसी कोने में सो जाता था। बुधवार को वह बस स्टैंड से निकलकर बिंझकोट की दिशा में चला गया और रात के अंधेरे में जंगल के भीतर रुक गया। इसी दौरान उसका सामना हाथियों के झुंड से हो गया। गुस्से से भरे एक दंतैल ने उस पर हमला कर दिया और बेरहमी से पटककर उसकी जान ले ली। घटना के बाद जब ग्रामीण हाथियों को भगाने पहुंचे तो व्यक्ति का शव जंगल में पड़ा मिला।

वन विभाग और पुलिस को दी गई सूचना

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों ने करतला वन विभाग और पुलिस टीम को सूचना दे दी। फिलहाल शव को बरामद कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार हाथियों की मौजूदगी से क्षेत्र में भय का वातावरण बना हुआ है। धान की फसलों को बर्बाद किए जाने से किसानों की स्थिति और भी गंभीर हो गई है। ग्रामीणों ने वन विभाग से जल्द समाधान की मांग की है ताकि हाथियों के आतंक से उन्हें राहत मिल सके। वहीं, प्रशासनिक स्तर पर भी स्थिति पर नजर रखी जा रही है और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है।

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