शनिवार की रात रायगढ़ जिले के गांवों में हाथियों का आतंक छा गया। जंगल से निकले हाथियों के दल ने खेतों में घुसकर किसानों की धान की फसलें रौंद डालीं। जानकारी के मुताबिक कटाईपाली, बेहरामुड़ा, लोटान और देउरमार गांवों में 21 किसानों की फसलें बर्बाद हुईं, वहीं फुलीकुंडा में 9, बोजिया में 8, औरानारा में 2 तथा इंचपारा में भी 2 किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। ग्रामीणों ने रात में हाथियों की हरकत देख तुरंत वन विभाग को सूचना दी, जिस पर अमला मौके पर पहुंचा और ग्रामीणों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने की समझाइश दी।
वन अमला ने शुरू किया सर्वे, प्रभावित किसानों को मिलेगा मुआवजा
घटना की सूचना मिलते ही रविवार सुबह वन विभाग की टीम ने प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर नुकसान का आकलन शुरू किया। कई खेतों में धान पूरी तरह रौंदी हुई पाई गई है। वन अमले ने पंचनामा तैयार कर प्रभावित किसानों की सूची बनानी शुरू कर दी है, ताकि जल्द से जल्द मुआवजा राशि स्वीकृत की जा सके। ग्रामीणों ने बताया कि हाथियों का झुंड रातभर गांव के चारों ओर घूमता रहा, जिससे दहशत का माहौल बन गया।
जिले में 78 हाथियों की सक्रियता, वन विभाग अलर्ट मोड पर
विभागीय रिकार्ड के अनुसार, रायगढ़ जिले के दोनों वन मंडलों में कुल 78 हाथी अलग-अलग दलों में विचरण कर रहे हैं। इनमें छाल के लोटान क्षेत्र में 19, बोजिया में 15, लैलूंगा रेंज के तिलाईदरहा में 13, बोरो रेंज के इंचपारा में 13 हाथी शामिल हैं। इसके अलावा रायगढ़ रेंज के पड़िगांव में 2 और घरघोड़ा क्षेत्र के छर्राटांगर व दनौट में 1-1 हाथी देखे गए हैं। लगातार बढ़ रही हाथियों की आवाजाही से ग्रामीणों में भय का वातावरण है, वहीं वन विभाग ने रात में गश्त और निगरानी बढ़ाने के निर्देश जारी किए हैं।


