रायगढ़ जिले में अवैध धान भंडारण का एक और मामला सामने आया है, जिसने प्रशासन को फिर सक्रिय कर दिया है। तमनार और खरसिया क्षेत्रों में की गई संयुक्त कार्रवाई में कुल 1079 बोरी धान जब्त किया गया। 19 नवंबर को घरघोड़ा एसडीएम दुर्गा प्रसाद अधिकारी के नेतृत्व में राजस्व और खाद्य विभाग की टीम ने तमनार के ग्राम बिजना में अचानक निरीक्षण किया। जांच में पाया गया कि माखन गुप्ता के घर में बड़ी मात्रा में धान छिपाकर रखा गया है। टीम ने जब भंडारण की जांच की तो वहां 951 बोरी धान मिला, जिसके बारे में कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके। अधिकारियों का कहना है कि इतनी बड़ी मात्रा में अवैध धान मिलने से साफ है कि इसे सरकारी खरीद प्रणाली से बाहर रखकर बेचे जाने की तैयारी की जा रही थी, जिस पर तुरंत कार्रवाई की गई।

खरसिया में दो स्थानों से 128 कट्टा धान बरामद
इधर खरसिया ब्लॉक में भी संयुक्त टीम को काफरमार और केवाली गांवों में अवैध भंडारण की सूचना मिली। SDM प्रवीण तिवारी और विभागीय अधिकारियों की टीम ने दोनों जगह छापेमारी की। काफरमार में वरुण तिवारी के यहां 58 कट्टा, जबकि केवाली में गुहादास महंत के घर से 70 कट्टा धान मिला। पूछताछ में दोनों जगह किसी के पास कोई कागजात नहीं मिले, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि धान को नियमों से परे जमा किया गया था। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि इस तरह का भंडारण बाजार में धान की कीमतों और सरकारी खरीद व्यवस्था को प्रभावित करता है, इसलिए सख्ती जरूरी है।

मंडी अधिनियम के तहत कार्रवाई, निगरानी और तेज होगी
सभी तीनों मामलों में मंडी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर दिया गया है और आगे की कार्रवाई जारी है। प्रशासन का कहना है कि समर्थन मूल्य पर खरीद शुरू होने के साथ अवैध भंडारण की गतिविधियां बढ़ जाती हैं, इसलिए जिले में लगातार निगरानी बढ़ाई जा रही है। अधिकारियों ने साफ किया कि ऐसे मामलों पर तुरंत और कड़ी कार्रवाई की जाएगी, ताकि किसानों को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी अवैध धंधे को पनपने न दिया जाए। प्रशासन को उम्मीद है कि लगातार छापेमार कार्रवाई से अवैध धान कारोबार पर रोक लगेगी और खरीद प्रणाली सुरक्षित रहेगी।

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