आरडीएसएस के नाम पर खतरे की लाइन: सड़क किनारे मौत बनकर खड़े हैं बिजली के खंभे!

योजना जनहित की, अंजाम जानलेवा: खंभों की मनमानी पर कब होगी कार्यवाही?

लापरवाही की बुनियाद पर गड़े खंभे: ठेकेदार की करतूत से गांवों में मंडरा रहा मौत का साया!

घरघोड़ा क्षेत्र में आरडीएसएस (Revamped Distribution Sector Scheme) के अंतर्गत बिजली व्यवस्था सुधारने के नाम पर चल रहे कार्य अब जानलेवा रूप ले चुके हैं। एके इंफ्रा कंपनी द्वारा किया जा रहा निर्माण कार्य न सिर्फ मानकों को ताक पर रखकर किया जा रहा है, बल्कि ग्रामीणों के जीवन से खुलेआम खिलवाड़ किया जा रहा है। बिजली के खंभे सड़कों के ठीक किनारे, तंग गलियों में और स्कूलों के सामने इस तरह गाड़े जा रहे हैं मानो भविष्य की दुर्घटनाओं की नींव रखी जा रही हो। ग्रामीणों के मुताबिक, बिना किसी चेतावनी संकेत या सुरक्षात्मक उपायों के इन खंभों की मौजूदगी से अब घर से निकलना भी खतरे से खाली नहीं है। जो योजना गांवों को रोशन करने के लिए बनी थी, वह अब अंधेरे में धकेलने वाली बनती जा रही है।

खंभों की नींव कमजोर, व्यवस्था मौन, खतरे के साए में गांव

स्थानीय लोगों और क्षेत्रीय प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया है कि खंभों की स्थापना में भारी अनियमितताएं हो रही हैं। न तो गहराई से खुदाई की जा रही है, न ही मजबूती के लिए आवश्यक कंक्रीट डाला जा रहा है। कई खंभे सिर्फ मिट्टी में हल्के से गाड़ दिए गए हैं, जो मामूली हवा या बारिश में गिर सकते हैं। ऐसे निर्माण से खंभे न सिर्फ झुकते नजर आ रहे हैं, बल्कि उनमें से कई अब रास्ता रोकते हुए सड़क पर खतरनाक कोण में खड़े हैं। विडंबना यह है कि यह सब कार्य कनिष्ठ यंत्री घरघोड़ा, कार्यपालन यंत्री रायगढ़ और अधीक्षण यंत्री की जानकारी में होते हुए भी बेरोकटोक जारी है। क्या यह केवल लापरवाही है, या फिर जानबूझकर की जा रही अनदेखी? जब काम गांव-गांव में फैल चुका है, तो अधिकारियों की चुप्पी और गैरहाजिरी खुद सवाल बनकर खड़ी हो गई है।

युवा कांग्रेस ने सौंपा ज्ञापन, कहा—अब नहीं चलेगी चुप्पी, जवाब देना होगा

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए युवा कांग्रेस घरघोड़ा ने मोर्चा संभाल लिया है। संगठन के प्रतिनिधियों ने कनिष्ठ यंत्री घरघोड़ा, कार्यपालन यंत्री रायगढ़ और अधीक्षण यंत्री रायगढ़ को अलग-अलग ज्ञापन सौंपे हैं, जिनमें कार्य की गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों की अनदेखी और ठेकेदार की मनमानी पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई है। ज्ञापन में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि विभाग ने शीघ्र हस्तक्षेप कर सुधारात्मक कार्रवाई नहीं की, तो क्षेत्रीय जनता और संगठन संयुक्त रूप से बड़ा आंदोलन खड़ा करेंगे। युवा कांग्रेस ने चेताया है कि अब विभागीय चुप्पी और ठेकेदारों की मनमानी नहीं चलेगी। जनता सिर्फ बिजली नहीं, सुरक्षा और जवाबदेही भी चाहती है। ये खंभे केवल लोहे के टुकड़े नहीं हैं, यह भविष्य की संभावित दुर्घटनाओं के संकेत हैं — जिन्हें नज़रअंदाज़ करना अब अपराध के बराबर होगा।