रायपुर, 30 अगस्त 2025:
छत्तीसगढ़ में सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने और दो-पहिया वाहन चालकों में हेलमेट पहनने की आदत को प्रोत्साहित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। छत्तीसगढ़ पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने फैसला लिया है कि 1 सितंबर 2025 से राज्य के सभी पेट्रोल पंपों पर बिना हेलमेट पहने दो-पहिया वाहन चालकों को पेट्रोल नहीं दिया जाएगा। इस सामाजिक अभियान को “नो हेलमेट, नो पेट्रोल” नाम दिया गया है, जिसका उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली गंभीर चोटों और मृत्यु दर को कम करना है।

अभियान का उद्देश्य और पृष्ठभूमि
हाल के दिनों में रायपुर सहित छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि देखी गई है। इनमें से अधिकतर मामलों में पीड़ित दो-पहिया वाहन चालक बिना हेलमेट के थे, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें गंभीर सिर की चोटें आईं। इस समस्या को ध्यान में रखते हुए, पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने इस अभियान की शुरुआत की है। एसोसिएशन के अध्यक्ष अखिल धगट ने बताया कि यह निर्णय जनहित में लिया गया है ताकि हेलमेट पहनने की आदत को बढ़ावा दिया जा सके और अनमोल जिंदगियां बचाई जा सकें।
सरकारी समर्थन और प्रशासनिक सहयोग
इस अभियान को लागू करने के लिए एसोसिएशन ने उप मुख्यमंत्री अरुण साव और रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह को एक ज्ञापन सौंपा है। उप मुख्यमंत्री ने इस पहल की सराहना की है, वहीं स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने भी इस अभियान का स्वागत करते हुए इसे सड़क सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया। सरकार और प्रशासन ने इस पहल को पूर्ण समर्थन देने का आश्वासन दिया है।
अभियान की मुख्य विशेषताएं
- 1 सितंबर 2025 से लागू: रायपुर सहित छत्तीसगढ़ के सभी पेट्रोल पंपों पर बिना हेलमेट के दो-पहिया चालकों को पेट्रोल नहीं मिलेगा।
- जागरूकता अभियान: पेट्रोल पंपों पर चेतावनी बैनर और घोषणाएं लगाई जाएंगी ताकि जनता को हेलमेट के महत्व के बारे में जागरूक किया जा सके।
- कानूनी कार्रवाई: यदि कोई चालक बिना हेलमेट के पेट्रोल लेने की कोशिश करता है या हंगामा करता है, तो उसके खिलाफ पुलिस कार्रवाई की जाएगी।
- प्रशासन और पेट्रोल पंप संचालकों का सहयोग: अभियान को सफल बनाने के लिए स्थानीय प्रशासन और पेट्रोल पंप संचालक मिलकर काम करेंगे।
सड़क सुरक्षा में सुधार की उम्मीद
यह अभियान न केवल हेलमेट पहनने की आदत को बढ़ावा देगा, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। रायपुर और अन्य जिलों में हाल के आंकड़ों से पता चला है कि हेलमेट न पहनने के कारण कई चालकों को गंभीर चोटें आईं और कुछ की मृत्यु हो गई। इस अभियान के माध्यम से लोगों में जागरूकता बढ़ाने और सड़क सुरक्षा को मजबूत करने की कोशिश की जा रही है।
स्वास्थ्य मंत्री का बयान
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा, “यह एक सराहनीय पहल है। हेलमेट न केवल एक कानूनी आवश्यकता है, बल्कि यह जीवन रक्षक भी है। हम इस अभियान को पूर्ण समर्थन देंगे और लोगों से अपील करते हैं कि वे इसे गंभीरता से लें।”
पेट्रोल पंप संचालकों की भूमिका
पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस नियम का सख्ती से पालन करें। साथ ही, जनता को जागरूक करने के लिए पंपों पर बैनर और नोटिस बोर्ड लगाए जाएंगे। असामाजिक तत्वों को रोकने के लिए पुलिस की सहायता भी ली जाएगी।
जनता से अपील
छत्तीसगढ़ पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने सभी दो-पहिया वाहन चालकों से अपील की है कि वे अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए हेलमेट का उपयोग करें। यह अभियान न केवल नियमों का पालन करवाने के लिए है, बल्कि समाज में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने का भी एक प्रयास है।
निष्कर्ष
“नो हेलमेट, नो पेट्रोल” अभियान छत्तीसगढ़ में सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। इस पहल से उम्मीद है कि दो-पहिया वाहन चालकों में हेलमेट पहनने की आदत विकसित होगी और सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी। यह अभियान न केवल प्रशासन और पेट्रोल पंप संचालकों की जिम्मेदारी है, बल्कि प्रत्येक नागरिक को भी इसमें सहयोग करना चाहिए ताकि हम एक सुरक्षित और जागरूक समाज का निर्माण कर सकें।
