सूरजपुर जिले में शराब दुकानों में मिलावट और अनियमितताओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला लटोरी स्थित शासकीय अंग्रेजी शराब दुकान का है, जहां एक ग्राहक ने बीयर की एक केन पर दो अलग-अलग ब्रांड—Seven Hills और Golden Bird—के कवर एक साथ चढ़े हुए पाए। ग्राहक के अनुसार, जब उसने केन को ध्यान से देखा तो दोहरे कवर का खुलासा हुआ और वह हैरान रह गया। आपत्ति जताने पर दुकान कर्मचारियों ने खुद माना कि ऐसे 107 संदिग्ध केन स्टॉक में मौजूद हैं। शिकायत सामने आते ही विभाग ने इन केनों की बिक्री पर तत्काल रोक लगा दी, लेकिन यह सवाल और गहरा हो गया कि क्या यह गड़बड़ी ग्राहक की सतर्कता के बिना भी कभी उजागर होती? घटना ने आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली, दुकानों पर निगरानी की गुणवत्ता और संभावित घर–घर तक पहुँचने वाले जोखिम को लेकर गंभीर चिंताएँ खड़ी कर दी हैं।
क्या यह महज लापरवाही या मिलावट का संगठित खेल?
एक ही केन पर दो ब्रांडों के कवर मिलने से मिलावट, ब्रांड बदलकर बेचने और स्टॉक हेरफेर की आशंकाएँ मजबूत हो गई हैं। स्थानीय लोग इसे सामान्य चूक नहीं बल्कि एक सुनियोजित नेटवर्क की ओर इशारा मान रहे हैं, जिसमें सस्ते ब्रांड को महंगे ब्रांड के नाम पर बेचने या पुराने स्टॉक को नए पैकेज में खपाने जैसी चालें शामिल हो सकती हैं। इस तरह की गड़बड़ियाँ न केवल उपभोक्ता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ हैं बल्कि सरकारी राजस्व को भी सीधा नुकसान पहुँचाती हैं। घटना ने साबित कर दिया है कि दुकानों और विभागीय स्तर पर जांच-सतर्कता का स्तर बेहद कमजोर है।
शिकायत के बाद हरकत में विभाग, पुलिस जांच की मांग तेज
ग्राहक की शिकायत के बाद आबकारी विभाग ने संदिग्ध स्टॉक सील कर जांच शुरू कर दी है, हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कार्रवाई सिर्फ दबाव में की गई औपचारिकता है। अब मांग उठ रही है कि मामले की जांच सिर्फ विभागीय दायरे में सीमित न रहे, बल्कि पुलिस स्तर पर भी ठोस कार्रवाई हो ताकि संभावित मिलावट नेटवर्क का खुलासा हो सके। लोगों का कहना है कि यदि एक सरकारी दुकान में इस तरह की हेराफेरी हो सकती है, तो आम ग्राहक किस भरोसे से खरीदारी करे? घटना ने पूरे जिले में शराब दुकानों की पारदर्शिता पर नया विवाद खड़ा कर दिया है और अब लोग इस बार कड़ी कार्रवाई की उम्मीद में हैं।



