अब प्ले स्कूल खोलने के लिए पालन करना होगा नियम,छत्तीसगढ़ में आदेश
छत्तीसगढ़ में प्ले स्कूल के लिए नए नियम
छत्तीसगढ़ अब देश का तीसरा राज्य बन गया है जहाँ छोटे बच्चों के लिए प्ले स्कूल यानी पूर्व-प्राथमिक स्कूल के लिए नियम लागू किए गए हैं। राज्य के सभी प्ले स्कूलों को अगले तीन महीनों में अपना पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। यह जिम्मेदारी स्कूल शिक्षा विभाग की होगी। पंजीकरण के लिए आवेदन करने वाले निजी स्कूलों के नाम में “स्कूल” शब्द होना जरूरी होगा। इसके अलावा, स्कूलों को बच्चों और शिक्षकों की पूरी जानकारी और रिकॉर्ड रखना होगा। नए नियमों का उद्देश्य बच्चों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना है। जानकारों के अनुसार, फिलहाल देश में सिर्फ मध्यप्रदेश और गुजरात में ही ऐसे गाइडलाइन लागू हैं। छत्तीसगढ़ अब इस मामले में तीसरा राज्य बन गया है। यह कदम स्कूलों के संचालन और बच्चों की भलाई के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
💡 ध्यान दें: निजी स्कूलों के नाम में “स्कूल” शब्द होना अनिवार्य है और सभी रिकॉर्ड व्यवस्थित रखना अनिवार्य है।
पालक शिक्षक समिति और बच्चों की सुरक्षा
नए नियमों के तहत स्कूलों में पालक शिक्षक समिति (पीटीएम) बनाना अनिवार्य होगा। समिति में 75 प्रतिशत सदस्य पालक और 25 प्रतिशत शिक्षक होंगे, और अध्यक्ष का चयन पालकों में से किया जाएगा। इसमें 75 प्रतिशत महिलाएं शामिल होंगी और सभी कक्षाओं के बच्चों के पालक सदस्य होंगे। समिति का मुख्य काम बच्चों की सुरक्षा, स्वास्थ्य, साफ-सफाई और खेल-खेल में पढ़ाई सुनिश्चित करना होगा। स्कूलों को बच्चों के स्वास्थ्य की तिमाही जांच, फीस का प्रमाणिक रिकॉर्ड और सालाना ऑडिट रिपोर्ट भी रखना होगा। समिति हर तीन महीने में मीटिंग करेगी और मीटिंग में चर्चा के बिंदु रजिस्टर में नोट किए जाएंगे। यह व्यवस्था बच्चों और शिक्षकों दोनों के लिए पारदर्शिता और सुरक्षा बढ़ाएगी।
⚠️ सुरक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दें! समिति की त्रैमासिक बैठक में सभी बिंदुओं को नोट करना अनिवार्य है।
🔔 सभी स्कूल प्रशासन ध्यान दें!



