
रायगढ़, 23 अक्टूबर। घरघोड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम कपाटडेरा भेण्ड्रा में हुए सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड का पुलिस ने महज छह घंटे में खुलासा कर दिया। बुधवार सुबह गांव में उस समय हड़कंप मच गया जब घर के बाहर पति-पत्नी के खून से लथपथ शव पड़े मिले थे जिससे सनसनी मचा गयी थी। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आकाश मरकाम, एसडीओपी सिद्धांत तिवारी और एफएसएल व डॉग स्क्वाड टीम मौके पर पहुंची और बारीकी से जांच शुरू की। इस दौरान पुलिस ने घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए और गांव के संदिग्धों से पूछताछ की। शुरुआती जांच में हत्या के पीछे पारिवारिक रंजिश और पैसों के विवाद की बात सामने आई। पुलिस की सघन पड़ताल में खुलासा हुआ कि मृतक का ही भतीजा और उसके रिश्ते का मामा इस निर्मम वारदात के पीछे थे। दोनों ने पुरानी दुश्मनी और रुपयों के लेन-देन को लेकर दंपती की बेरहमी से हत्या की थी।
पुरानी रंजिश और पैसों के विवाद में की गई हत्या
जानकारी के मुताबिक, मृतक गुरबार सिंह राठिया (43) और उनकी पत्नी मनिता राठिया (30) की हत्या उनके ही भतीजे ओमप्रकाश राठिया (32) और गांव के युवक भगलु उर्फ ओमप्रकाश राठिया (20) ने की। दोनों मंगलवार रात गुरबार सिंह के घर पहुंचे थे, जहां आपसी विवाद के दौरान गाली-गलौज और झगड़ा हुआ। गुस्से में दोनों आरोपियों ने घर में रखे डंडों से दंपती पर हमला कर दिया और लात-घूंसों से पिटाई की। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि मृतक से उनका पुराना झगड़ा था। करीब तीन साल पहले मारपीट हुई थी, वहीं दो साल पूर्व पैसों के विवाद ने इस दुश्मनी को और गहरा दिया। 6000 रुपये के लेन-देन पर हुए विवाद ने दोनों को हत्या की साजिश तक पहुंचा दिया। वारदात के बाद दोनों आरोपियों ने शवों को घर के बाहर घसीट दिया और मौके से फरार हो गए थे।
सिर्फ छह घंटे में सुलझी गुत्थी, टीम को मिली सराहना
थाना प्रभारी घरघोड़ा निरीक्षक कुमार गौरव साहू के नेतृत्व में गठित टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मात्र छह घंटे में दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त डंडा और मोबाइल बरामद किए गए। प्रार्थी बलराम राठिया की रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 282/2025 धारा 103(1), 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल ने इस त्वरित खुलासे पर टीम की सराहना की। इस कार्रवाई में एएसआई खेमराज पटेल, एएसआई रामसाजीवन वर्मा, प्रधान आरक्षक अरविंद पटनायक, पासरमणी बेहरा, आरक्षक हरीश पटेल, उद्यो पटेल, दिनेश सिदार, प्रहलाद भगत और सहयोगी नागरिक कालिया गुप्ता की अहम भूमिका रही। दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।


