
रायगढ़। रायगढ़ वन मंडल के अंतर्गत आने वाले चारों वन परिक्षेत्रों में वर्षों से पदस्थ अधिकारी एवं कर्मचारी अब तक उसी स्थान पर डटे हुए हैं। जानकारी के अनुसार कई कर्मचारियों की पदस्थापना को 12 से 15 वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है, बावजूद इसके विभाग द्वारा अब तक किसी का स्थानांतरण नहीं किया गया है। यह शासन की स्थानांतरण नीति का स्पष्ट उल्लंघन माना जा रहा है।
विश्वस्त सूत्रों के अनुसार, कुछ प्रभावशाली अधिकारी और कर्मचारी विभागीय संरक्षण में कार्य कर रहे हैं, जिनके कारण उन्हें लगातार एक ही स्थान पर टिके रहने का अवसर मिल रहा है। कहा जा रहा है कि यह कर्मचारी “धन पुत्र” बन चुके हैं, जिनकी पकड़ इतनी मजबूत है कि उच्च अधिकारी भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं जागरूक नागरिकों ने इस स्थिति पर गहरी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि जब एक ओर प्रदेश सरकार पारदर्शी प्रशासन और जवाबदेही की बात करती है, वहीं दूसरी ओर विभागीय नीति की खुलेआम अवहेलना की जा रही है। इससे ईमानदारी से कार्य करने वाले कर्मचारियों में भी असंतोष का माहौल बन गया है।
विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि यदि जल्द ही विभागीय स्तर पर इस पर कार्रवाई नहीं की गई, तो मामला उच्च स्तर तक पहुंच सकता है। अब देखना यह होगा कि वन विभाग इस वर्षों पुरानी अनियमितता पर क्या कदम उठाता है।


