आमगांव खदान में जांजगीर-चांपा के ट्रक मालिक मनोज जाट ने दी जान; ट्रक ब्लैकलिस्ट होने और 12–15 दिन से लोडिंग न मिलने की बात सामने आई। ट्रांसपोर्टरों ने SECL अधिकारियों पर उगाही और मनमानी का लगाया आरोप।

 सूरजपुर

सूरजपुर। दक्षिण पूर्वी कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) की आमगांव ओपनकास्ट खदान से बड़ा मामला सामने आया है। जांजगीर-चांपा निवासी ट्रक मालिक और चालक मनोज जाट का शव उनके ही ट्रक में फंदे से लटका मिला। शुरुआती जानकारी के अनुसार उनका ट्रक SECL प्रबंधन द्वारा ब्लैकलिस्ट किया गया था, जिस कारण उन्हें कई दिनों से कोयला लोडिंग नहीं मिल पा रही थी।

स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक, खदान में इन दिनों ट्रक चालकों को 12–15 दिन तक इंतज़ार करना पड़ रहा है। ट्रांसपोर्टरों ने आरोप लगाया है कि कुछ कर्मचारी/लिफ्टर ₹1500–₹2000 तक की अवैध वसूली करते हैं और पैसा न देने पर गाड़ियों को लंबे समय तक लाइन में खड़ा रखा जाता है।

इस घटना ने एक बार फिर SECL प्रबंधन की पारदर्शिता और ट्रक-डिस्पैच सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पुलिस की कार्रवाई

रामानुजनगर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। अधिकारियों का कहना है कि आत्महत्या के असली कारण का खुलासा जांच के बाद ही होगा।

विशेषज्ञों की राय

खनन क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि ब्लैकलिस्टिंग की पारदर्शी प्रक्रिया, ई-रोस्टर और क्यू सिस्टम के बिना ट्रक मालिकों-चालकों पर आर्थिक दबाव लगातार बढ़ रहा है। साथ ही, भ्रष्टाचार और मनमानी जैसे आरोप सिस्टम में भरोसे को तोड़ते हैं।

क्या ज़रूरी है?

  • ब्लैकलिस्टिंग में लिखित कारण और अपील का अधिकार
  • ट्रक की बारी और लोडिंग की स्थिति का ऑनलाइन डैशबोर्ड
  • उगाही-रोधी निगरानी और कैशलेस व्यवस्था
  • ट्रक मालिकों के लिए ग्रिवांस हेल्पलाइन और संकट सहायता तंत्र