रायगढ़, 9 नवंबर। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से एचआईवी संक्रमण को लेकर चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। जिले में पिछले नौ सालों के भीतर कुल 443 एचआईवी पॉजिटिव मरीजों की पुष्टि हुई है, जिनमें 35 नाबालिग और 22 गर्भवती महिलाएं शामिल हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि सिर्फ पिछले छह महीनों में ही 76 नए मरीज मिले हैं — जो बीते कई वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ चुके हैं।

रायगढ़ जिला अस्पताल के एआरटी (ART) सेंटर में इन सभी मरीजों का इलाज चल रहा है। अस्पताल के रिकॉर्ड के अनुसार, 2017 से अब तक हर साल संक्रमण के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। 2022 में 48, 2023 में 69, और 2024 में 76 नए केस दर्ज हुए, जबकि 2025 के शुरुआती छह महीनों में ही यह आंकड़ा 76 तक पहुंच गया है।

जागरूकता के बावजूद बढ़ता संक्रमण चिंता का विषय
स्वास्थ्य विभाग ने सभी प्रमुख बीमारियों की जांच के साथ अब एचआईवी टेस्ट को भी अनिवार्य किया है ताकि शुरुआती चरण में संक्रमण का पता लगाया जा सके। बावजूद इसके, सामाजिक कलंक और पहचान उजागर होने के डर से कई लोग सरकारी अस्पतालों की बजाय निजी क्लीनिकों में जांच करवाते हैं, जिससे वास्तविक आंकड़े सामने नहीं आ पाते।

विशेषज्ञों का कहना है कि असुरक्षित यौन संबंध, जागरूकता की कमी और लापरवाही संक्रमण फैलने के मुख्य कारण हैं। वहीं, युवाओं में आधुनिक जीवनशैली और जोखिम भरे व्यवहार के चलते यह खतरा और बढ़ता जा रहा है। शुरुआती लक्षणों में बुखार, गले में खराश, थकान और बार-बार संक्रमण होना शामिल है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि किसी भी संदेह की स्थिति में तुरंत जांच कराना ही सुरक्षित उपाय है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों की अपील: एचआईवी कोई शर्म की बात नहीं, बल्कि समय पर इलाज से इसे नियंत्रित किया जा सकता है। जागरूकता और जिम्मेदार व्यवहार ही इस संक्रमण से बचाव का सबसे मजबूत हथियार है।

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