रायगढ़। श्रीराम फाइनेंस कॉर्पोरेशन प्रा.लि. की घरघोड़ा शाखा में फर्जी लोन घोटाले का मामला सामने आया है। कंपनी के लीगल मैनेजर राकेश तिवारी की शिकायत पर पुलिस ने 10 आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और षड्यंत्र की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने अपराध क्रमांक 0297/25 को दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला वर्ष 2017 से 2019 के बीच का है, जब शाखा के कर्मचारियों ने दलालों के साथ मिलकर फर्जी ग्राहकों के नाम पर लोन स्वीकृत करवाकर कंपनी से ₹1.30 करोड़ (एक करोड़ तीस लाख पचास हजार रुपये) की राशि गबन कर ली।

कर्मचारियों और दलालों ने मिलकर रचा षड्यंत्र
एफआईआर के अनुसार आरोपी कर्मचारी — विरेन्द्र प्रताप पुरसेठ, खेमराज गुप्ता और सुधीर निषाद — ने शाखा में कार्यरत रहते हुए 26 फर्जी लोन मंजूर करवाए। इन कर्मचारियों ने दलालों — राजकुमार साहू, मदनसुंदर साहू, खेमराज पटेल, नीलाम्बर यादव, नीलांचल गुप्ता, संजय गुप्ता और रामकुमार पोर्ते — के साथ मिलकर बिना किसी वैध व्यापारिक प्रतिष्ठान के नाम पर ऋण स्वीकृत करवाया। जांच में सामने आया कि कई मामलों में अन्य लोगों की दुकानों के फोटो और दस्तावेज़ों का उपयोग कर उन्हें ग्राहकों का संस्थान बताया गया।

छल, कूटरचना और 1.30 करोड़ की हेराफेरी
रिपोर्ट में दर्ज है कि आरोपी कर्मचारियों और दलालों ने ग्राहकों से रिश्वत लेकर फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से लोन पास करवाया और राशि आपस में बांट ली। कंपनी के आदेश पर हुई आंतरिक जांच में सभी 26 मामलों में अनियमितता की पुष्टि हुई। पुलिस ने धारा 120-बी, 419, 420, 467, 468, 470, 471 आईपीसी के तहत मामला दर्ज किया है। जांच अधिकारी एएसआई राम सजीवन वर्मा को विवेचना सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि यह संगठित वित्तीय अपराध है, और जांच में और भी नाम सामने आने की संभावना है।

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