रायगढ़ में हाथियों का आतंक, ग्रामीणों में दहशत
धरमजयगढ़ के मिरीगुडत्रा बीट में झुंड ने मकान और फसलें तोड़ीं
रायगढ़। धरमजयगढ़ वन मंडल में तड़के हाथियों के दल ने स्थानीय ग्रामीणों के लिए भारी संकट खड़ा कर दिया। करीब 20 हाथियों का झुंड फिटींगपारा बस्ती में घुसा और रूचा यादव के मकान को तोड़-फोड़ कर नुकसान पहुंचाया। घटना के समय परिवार समय रहते सुरक्षित स्थान पर पहुंच गया, अन्यथा बड़ी जानहानि हो सकती थी।
ग्रामीणों ने बताया कि झुंड अचानक गांव में पहुंचा और घरों के पास आने से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। खेतों और बस्तियों में भी हाथियों के पैठने से लोग भयभीत हो गए। मकान टूटने की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और नुकसान का आंकलन कर आगे की कार्रवाई में जुट गई। आसपास के क्षेत्रों में हाथियों की लगातार गतिविधि से ग्रामीण सतर्क हैं और वन विभाग द्वारा दी गई चेतावनी का पालन कर रहे हैं।
मिरीगुडत्रा बीट में हाथियों का लगातार विचरण
यह घटना कापू रेंज के मिरीगुडत्रा बीट की है, जहां पिछले कई दिनों से लगभग 20 हाथियों का झुंड लगातार विचरण कर रहा है। शुक्रवार तड़के करीब चार बजे झुंड बस्ती में पहुंचा और गांव में भय का माहौल बन गया। ग्रामीणों का कहना है कि इससे पहले भी हाथियों ने खम्हार गांव में पूर्व सरपंच चिंतामणि राठिया के खेत में रखे धान को रौंदकर भारी नुकसान पहुंचाया था।
वन विभाग की कार्रवाई और सुरक्षा उपाय
वन विभाग की टीम ने सुबह से मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन किया और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी। अधिकारियों ने कहा कि हाथियों को जंगल की ओर लौटाने और उनके मूवमेंट पर नजर रखने के लिए टीम लगातार सक्रिय है। ग्रामीणों को निर्देश दिया गया है कि हाथियों के बस्ती के पास आने पर सुरक्षित दूरी बनाए रखें और जंगल की ओर न जाएं, ताकि किसी अनहोनी घटना से बचा जा सके।
ग्रामीणों में बढ़ती चिंता
लगातार बढ़ रही हाथी गतिविधियों ने ग्रामीणों में असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है। लोग रात में घरों से बाहर निकलने में डर महसूस कर रहे हैं। वन विभाग ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही हाथियों के मूवमेंट पर विशेष नजर रखी जाएगी और क्षेत्र में आवश्यक सुरक्षा इंतजाम किए जाएंगे।
