घरघोड़ा में गर्मी का कहर: 40 डिग्री के करीब पहुंचा पारा, खदानों और फैक्ट्रियों की गर्मी ने बढ़ाई परेशानी
अल नीनो प्रभाव, औद्योगिक गतिविधियां और तेज UV रेडिएशन के बीच झुलस रहा क्षेत्र, दोपहर में घरों में कैद हो रहे लोग
घरघोड़ा। रायगढ़ जिले के औद्योगिक और खनन क्षेत्र घरघोड़ा में इन दिनों भीषण गर्मी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। क्षेत्र में तापमान लगातार 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा रहा है। सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं का असर शुरू हो जाता है, जबकि दोपहर के समय सड़कें और बाजार लगभग खाली दिखाई देने लगते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में गर्मी की तीव्रता पहले की तुलना में अधिक महसूस होने लगी है।
खदानों और फैक्ट्रियों की गर्म सतह से बढ़ रहा तापमान?
घरघोड़ा और आसपास के क्षेत्रों में कोयला खदानों, भारी वाहनों और सैकड़ों औद्योगिक इकाइयों की मौजूदगी को भी स्थानीय लोग बढ़ती गर्मी से जोड़कर देख रहे हैं। खुले खनन क्षेत्र, लगातार चलने वाली मशीनें, राख और धूल के कारण जमीन की सतह तेजी से गर्म होती है। कई जानकारों का मानना है कि बड़े पैमाने पर औद्योगिक गतिविधियों और हरित क्षेत्र में कमी से स्थानीय तापमान पर असर पड़ सकता है। हालांकि इस संबंध में विस्तृत वैज्ञानिक अध्ययन की आवश्यकता बताई जाती है, लेकिन लोगों का अनुभव है कि औद्योगिक विस्तार के साथ गर्मी और उमस दोनों बढ़े हैं।
मोबाइल में लगातार दिख रहा ‘High UV Index’
क्षेत्र के कई लोगों के मोबाइल मौसम ऐप में “High” या “Very High UV Index” का अलर्ट दिखाई दे रहा है। विशेषज्ञ बताते हैं कि UV Index सूर्य की अल्ट्रावायलेट किरणों की तीव्रता को दर्शाता है। दोपहर 11 बजे से 3 बजे तक इसका असर सबसे अधिक रहता है। तेज UV रेडिएशन के कारण त्वचा जलने, आंखों में जलन, सिरदर्द और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।
मजदूर, बाइक सवार और बाजार सबसे ज्यादा प्रभावित
भीषण गर्मी का असर आम जनजीवन पर साफ दिखाई दे रहा है। दोपहर के समय बाजारों में भीड़ कम हो रही है और लोग जरूरी काम होने पर ही बाहर निकल रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी दिहाड़ी मजदूरों, खदान कर्मियों, ट्रांसपोर्ट कर्मचारियों और बाइक सवारों को हो रही है, जिन्हें तेज धूप में काम करना पड़ रहा है। कई जगहों पर लोग पेड़ों की छांव और ठंडे पेय पदार्थों का सहारा लेते नजर आ रहे हैं।
अल नीनो और कमजोर प्री-मानसून गतिविधियों का असर
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अल नीनो प्रभाव के दौरान सामान्यतः बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ती हैं और तापमान सामान्य से अधिक रहने लगता है। वर्तमान में सूखी हवाएं, साफ आसमान और कमजोर प्री-मानसून गतिविधियां भी गर्मी को बढ़ाने वाले प्रमुख कारण माने जा रहे हैं।
मई के अंत तक राहत के आसार कम
मौसम के मौजूदा रुझानों को देखते हुए मई माह के अंतिम सप्ताह तक तेज गर्मी और लू जैसे हालात बने रहने की संभावना जताई जा रही है। बीच-बीच में हल्की आंधी या बारिश से अस्थायी राहत मिल सकती है, लेकिन उमस बढ़ने की संभावना भी बनी रहेगी।
डॉक्टरों ने दी सतर्क रहने की सलाह
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर में अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और धूप से बचाव करने की सलाह दी है। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत बताई गई है। लगातार बढ़ती गर्मी के बीच हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन के मामलों का खतरा भी बढ़ रहा है।
