बूचड़खाने ले जाये जाने का शक,निर्दयता पूर्वक मारते पीटते ले जा रहे थे गो-धन

मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई, पशु क्रूरता का मामला उजागर
रायगढ़। तमनार पुलिस ने मुखबिर की सटीक सूचना पर कार्रवाई करते हुए लैलूंगा थाना क्षेत्र के मडियाकछार जंगल से छह मवेशियों को क्रूरता पूर्वक बूचड़खाने ले जाए जाने से बचा लिया। 14 सितंबर की शाम साढ़े चार बजे पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ लोग गाय-बैल को भूखे-प्यासे पीटते हुए पैदल उड़ीसा की ओर बूचड़खाने ले जा रहे हैं। सूचना पर सउनि नरसिंह नाथ यादव अपने हमराह स्टाफ के साथ मौके पर रवाना हुए। मडियाकछार जंगल पहुंचने पर पुलिस टीम ने देखा कि दो व्यक्ति मवेशियों को हांकते हुए लैलूंगा रोड की ओर बढ़ रहे थे। पुलिस को देखकर एक व्यक्ति जंगल की ओर भाग निकला, जबकि दूसरा मौके पर पकड़ा गया। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम सकीर्तन यादव पिता पुस्तम यादव उम्र 42 वर्ष निवासी सिहारधार थाना लैलूंगा बताया। उसके कब्जे से दो गाय, दो बैल और दो बछिया कुल छह मवेशी बरामद किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत 45 हजार रुपये आंकी गई।
दस्तावेज पेश करने में नाकाम, मवेशी जब्त
पुलिस ने मौके पर ही सकीर्तन यादव से मवेशियों की खरीद-बिक्री और स्वामित्व संबंधी वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने का नोटिस दिया, लेकिन आरोपी कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। गवाहों की मौजूदगी में मवेशियों की बरामदगी का पंचनामा तैयार कर आरोपी से मेमोरण्डम कथन लिया गया। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह अपने साथी लीलाधर यादव के साथ तमनार क्षेत्र से मवेशियों को खरीदकर उड़ीसा स्थित बूचड़खाने में बेचने ले जा रहा था। आरोपी द्वारा मवेशियों को भूखे-प्यासे रखकर मारते-पीटते पैदल हांकना पशु क्रूरता अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन पाया गया।
मामला लैलूंगा थाना सुपुर्द, आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने सकीर्तन यादव को विधिवत गिरफ्तार कर उसके परिजनों को मोबाइल से सूचना दी। जब्त किए गए छह मवेशियों को सुरक्षित रखा गया है। घटना स्थल लैलूंगा थाना क्षेत्र अंतर्गत होने से आरोपी और बरामद पशुओं को अग्रिम कार्रवाई हेतु लैलूंगा पुलिस को सुपुर्द कर दिया गया। तमनार पुलिस ने आरोपी के खिलाफ छत्तीसगढ़ कृषक पशु परीक्षान अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, 10 और 11 के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की है। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपी लीलाधर यादव की तलाश जारी है और शीघ्र ही उसे भी हिरासत में लिया जाएगा।
