रायगढ़। चक्रधरनगर पुलिस ने नौकरी लगाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है, जबकि गिरोह के छह अन्य सदस्य अब भी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस अधीक्षक दिव्यांग कुमार पटेल के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उत्तरा सिदार (50 वर्ष, निवासी कांटाहरदी) और संजू यादव (27 वर्ष, निवासी छोटे अतरमुड़ा) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने फर्जी नियुक्ति पत्र और झूठे दस्तावेजों का सहारा लेकर लोगों को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा दिया और मोटी रकम ऐंठ ली। पीड़ितों से ठगी गई राशि की रकम लाखों में पहुंच गई है।

ऐसे रचा गया ठगी का जाल

मामला 25 अक्टूबर 2025 का है, जब अलेन किड़ो (60 वर्ष) ने चक्रधरनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनके भतीजे राहुल किड़ो को छत्तीसगढ़ पुलिस में कांस्टेबल पद पर भर्ती कराने के नाम पर आरोपियों ने ₹11 लाख 30 हजार की ठगी की। शुरुआत में उत्तरा सिदार और संजू यादव ने ₹50 हजार लिए और बाकी रकम रायपुर निवासी विकास सिदार को देने की बात कही। इसके बाद अलेन किड़ो ने विकास सिदार, अमन यादव, सेवक चौहान, मूलचंद कावर, एस.के. सिंह और गुप्ता नामक व्यक्तियों के अलग-अलग खातों में रकम ट्रांसफर की। ठगों ने पीड़ित को भरोसे में लेने के लिए फर्जी नियुक्ति पत्र और दस्तावेज दिखाए, जिससे वह झांसे में आ गया।

फरार आरोपियों की तलाश जारी

पुलिस जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि गिरोह लंबे समय से नौकरी दिलाने के नाम पर भोले-भाले युवाओं को निशाना बना रहा था। चक्रधरनगर थाना पुलिस ने उत्तरा सिदार और संजू यादव के खिलाफ अपराध क्रमांक 475/2025 दर्ज करते हुए आईपीसी की धारा 420, 468 और 34 के तहत कार्रवाई की है। दोनों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। वहीं, पुलिस अब इस गैंग के अन्य छह फरार सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है। पुलिस ने जनता से भी अपील की है कि ऐसे किसी व्यक्ति या गिरोह के झांसे में न आएं जो सरकारी नौकरी दिलाने का दावा करते हों।

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