रायगढ़। रेंगालपाली सर्किल के ग्राम बरपाली स्थित डीपापारा में वन विभाग ने शनिवार रात फर्जी आरा मिल का पर्दाफाश किया। यहां एक युवक अपने घर में अवैध रूप से लकड़ियों की चिराई कर रहा था। गुप्त सूचना मिलते ही वन विभाग के उड़नदस्ता दल ने मौके पर दबिश दी। जांच के दौरान अलग-अलग प्रजातियों की लकड़ियां बड़ी मात्रा में बरामद हुईं, जो चिराई के लिए तैयार रखी गई थीं। पूछताछ में संचालक जगदीश बसंत से आरा मिल के दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वह कोई भी वैध कागजात प्रस्तुत नहीं कर सका। लगातार सवालों से बचते हुए वह टालमटोल करता रहा, जिससे स्पष्ट हो गया कि आरा मिल पूरी तरह फर्जी तरीके से संचालित की जा रही थी। वन अमले ने तत्काल मशीन को उखाड़कर जब्त कर लिया और लकड़ियों को जब्ती सूची में दर्ज किया।
लकड़ियां और मशीन जब्त, आरोपी पर अपराध दर्ज
वन विभाग की टीम ने मौके से लकड़ी चिराई की मशीन सहित विभिन्न प्रजातियों की लकड़ियां बरामद की हैं। बरामद लकड़ियों का मूल्यांकन कर रिपोर्ट तैयार की जा रही है। आरोपी के खिलाफ वन अधिनियम के तहत अपराध दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। बताया गया कि आरोपी लंबे समय से बिना अनुमति आरा मिल चलाकर आसपास के क्षेत्रों से लकड़ी खरीदकर चिराई कर बेच रहा था। विभाग को संदेह है कि इसमें अन्य लोगों की भी संलिप्तता हो सकती है, जिसके लिए जांच जारी है।
“अवैध मिलों पर सख्त निगरानी जारी” – रेंजर हेमलाल जयसवाल
रेंजर हेमलाल जयसवाल ने बताया कि सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने मौके पर जाकर जांच की, जहां आरा मिल से संबंधित कोई वैध दस्तावेज नहीं मिला। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में लगातार गश्त बढ़ाई गई है ताकि अवैध लकड़ी कटाई और फर्जी आरा मिल संचालन पर अंकुश लगाया जा सके। जयसवाल ने चेतावनी दी कि ऐसे मामलों में दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी वन संपदा के अवैध दोहन की अनुमति नहीं दी जाएगी।



