
सर्विस ठप होने से बढ़ी ग्राहकों की परेशानी
रायगढ़। शहर में ओला इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने वालों के लिए अब यह सफर सिरदर्द बन गया है। ओलाकंपनी जहां नए वाहन बेचने में पीछे नहीं है, वहीं सर्विस और मेंटेनेंस के मामले में पूरी तरह फेल साबित हो रही है। रायगढ़ के ढिमरापुर स्थित ओला शो रूम की स्थिति आज किसी डंपिंग यार्ड से कम नहीं है। यहां करीब चार सौ से अधिक खराब पड़ी ओला स्कूटरें जगह-जगह धूल फांक रही हैं। ऑफिस, स्टोर रूम से लेकर बाहर तक हर ओर खराब बैटरी स्कूटरों का अंबार लगा हुआ है। हालत यह है कि शो रूम में नई गाड़ियों के लिए जगह ही नहीं बची है। ग्राहकों का कहना है कि महीनों से उनकी स्कूटरें मरम्मत के इंतजार में खड़ी हैं, लेकिन न कोई सर्विस हो रही है और न ही कंपनी के जिम्मेदार फोन उठा रहे हैं।
ढिमरापुर शो रूम में जगह की किल्लत, छातामुड़ा में खोला नया सेंटर
सूत्रों के मुताबिक, ढिमरापुर के पुराने शो रूम में इतनी अधिक खराब गाड़ियां जमा हो चुकी हैं कि कंपनी को नया सेंटर खोलने की जरूरत पड़ गई है। बताया जा रहा है कि अब नया शो रूम छातामुड़ा में शुरू किया गया है, ताकि बिक्री की प्रक्रिया जारी रह सके। मगर सवाल यह उठता है कि जब पुराने वाहनों की सर्विस ही नहीं हो पा रही है, तो नए वाहनों की देखरेख कैसे होगी? शो रूम के कर्मचारियों का कहना है कि पार्ट्स और तकनीकी सहायता समय पर न मिलने की वजह से स्कूटरों की मरम्मत रुकी हुई है, जबकि ग्राहकों का कहना है कि कंपनी सिर्फ बिक्री पर ध्यान दे रही है, सर्विस की जिम्मेदारी से बच रही है।
बिना चलाए भरनी पड़ रही किश्तें, नाराज ग्राहक बोले—ओला ने किया धोखा
ओला स्कूटर खरीदने वाले कई ग्राहकों ने बताया कि उन्होंने बैंक से फाइनेंस कर वाहन लिया था, लेकिन कुछ ही महीनों में स्कूटर खराब हो गई। मजबूर होकर उन्होंने उसे शो रूम में जमा कर दिया, जहां महीनों से वह जस की तस पड़ी है। ऐसे में बिना गाड़ी चलाए ही उन्हें हर महीने किश्त चुकानी पड़ रही है। ग्राहक कहते हैं कि यह सीधा आर्थिक शोषण है और कंपनी उनकी शिकायतों पर ध्यान नहीं दे रही। रायगढ़ में ओला स्कूटर के खराब प्रबंधन और सर्विस की लचर व्यवस्था ने इलेक्ट्रिक वाहनों पर भरोसा करने वाले उपभोक्ताओं को गहरी निराशा में डाल दिया है।


