अब तक ड्राइवर की नही मिली है कोई जानकारी
धरमजयगढ़। गुरुवार को चाल्हा चौक के पास दर्दनाक हादसा उस वक्त हुआ जब एक मारुति सुजुकी फ्रॉन्क्स कार ने लापरवाहीपूर्वक तीन लोगों को रौंद दिया। हादसे में एक महिला और दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कार पहले सड़क किनारे खड़ी रामपुर गांव की ललिता मिंज (35) को टक्कर मारते हुए आगे बढ़ी और तेज रफ्तार में दो बाइक सवार युवकों—अमित किंडो (30) और फकीरचंद पटेल—को ठोक दिया। दोनों युवक एक ठेका कंपनी में कार्यरत थे। हादसे के बाद चालक कार और घायलों को वहीं छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने घटनास्थल से कार जब्त कर ली है, लेकिन आरोपी चालक का अब तक पता नहीं चल पाया है।
आजाक विभाग के मंडल संयोजक से जुड़ी है गाड़ी
जांच में सामने आया है कि कार क्रमांक CG 13 BE 1285 हाल ही में 31 मार्च 2025 को खरीदी गई थी। यह वाहन सुरेश कुमार कहार, निवासी वार्ड-2 सारंगढ़ के नाम पर पंजीकृत है। फिलहाल कार उनके भाई गोपाल आदित्य के पास थी, जो धरमजयगढ़ में आदिवासी छात्रावास क्रमांक-1 के अधीक्षक एवं आजाक विभाग के मंडल संयोजक हैं। बताया जा रहा है कि गोपाल आदित्य की ड्यूटी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रायपुर कार्यक्रम में लगी थी। कार्यक्रम में जाने से पहले उन्होंने यह कार शिक्षक और छात्रावास अधीक्षक घनश्याम महिलाने को उपयोग के लिए दे दी थी। जानकारी के अनुसार, हादसे के समय कार घनश्याम महिलाने के परिवार के किसी सदस्य के पास थी, जो कार चलाना सीख रहा था। इसी दौरान लापरवाही से वाहन चलाने के कारण तीन निर्दोषों की मौत हो गई।
पुलिस ने दर्ज किया मामला, अब तक चालक अज्ञात
घटना के बाद पुलिस ने मामले को मोटर वाहन अधिनियम की धारा 184 और बीएनएस 106(1) के तहत दर्ज किया है। एमवीए की धारा 184 खतरनाक तरीके से वाहन चलाने से संबंधित है, जिसके तहत एक साल तक की कैद या 5,000 रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। वहीं बीएनएस की धारा 106(1) किसी व्यक्ति की लापरवाही या जल्दबाजी से हुई मृत्यु से जुड़ी है, जिसके तहत दोषी को पांच साल तक की कैद और जुर्माना हो सकता है। फिलहाल पुलिस चालक की तलाश में जुटी है, लेकिन यह मामला इसलिए उलझ गया है क्योंकि गाड़ी सरकारी अधिकारी के परिवार से जुड़ी हुई है। स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की जाए ताकि पीड़ित परिवारों को न्याय मिल सके।


