विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य के लिए शिक्षकों को कलेक्टर की सख्त हिदायत

रायगढ़। जिला कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी की अध्यक्षता में जिला कलेक्टोरेट स्थित सृजन सभाकक्ष में स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के सभी विद्यालयों के प्राचार्य एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने कहा कि आने वाले दो माह विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इस दौरान प्रत्येक विद्यालय अपने विद्यार्थियों के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करें ताकि बोर्ड परीक्षा परिणामों में उत्कृष्टता सुनिश्चित हो सके। श्री चतुर्वेदी ने स्पष्ट कहा कि विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति, निरंतर मूल्यांकन एवं व्यक्तिगत काउंसलिंग सफलता की कुंजी है। कमजोर विद्यार्थियों की सूची बनाकर उन पर अतिरिक्त ध्यान दिया जाए तथा राज्य स्तर पर टॉप करने की क्षमता रखने वाले विद्यार्थियों के लिए विशेष तैयारी कराई जाए। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय-सीमा में पाठ्यक्रम पूर्ण किया जाना अनिवार्य है और शिक्षकों की मेहनत विद्यार्थियों के परिणामों में झलकनी चाहिए।

प्राचार्यों को टीम भावना से कार्य करने के निर्देश

कलेक्टर ने कहा कि विद्यार्थियों के बेहतर परिणाम के लिए प्राचार्य और शिक्षक सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विद्यार्थियों के परीक्षा परिणामों में सुधार ही शिक्षकों के कार्य का वास्तविक मूल्यांकन है। उन्होंने सभी शिक्षकों को निर्देशित किया कि प्रत्येक विद्यार्थी की क्षमता पहचानकर उन्हें व्यक्तिगत मार्गदर्शन दें। श्री चतुर्वेदी ने कहा कि जिले के विद्यार्थी राज्य स्तर पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें, इसके लिए सभी अधिकारी और शिक्षक टीम भावना से मिलकर कार्य करें। उन्होंने यह भी कहा कि अनुशासन शिक्षा का अभिन्न हिस्सा है, इसलिए सभी विद्यालयों में अनुशासन और शिक्षण गुणवत्ता दोनों का पालन सुनिश्चित किया जाए।

उपस्थिति, परीक्षा परिणाम और योजनाओं की हुई विस्तृत समीक्षा

बैठक में कलेक्टर ने विद्यालयों में शिक्षकों एवं छात्रों की उपस्थिति, तिमाही परीक्षा परिणाम, विद्या समीक्षा केंद्र में पंजीयन, मध्यान्ह भोजन में एलपीजी उपयोग, सरस्वती साइकिल वितरण, यू-डाइस डाटा एंट्री, अपार आईडी निर्माण, छमाही प्री-बोर्ड परीक्षा की तैयारी, बोर्ड परीक्षा लक्ष्य निर्धारण, मॉडल स्कूलों की प्रगति और छात्रवृत्ति ऑनलाइन एंट्री की स्थिति की समीक्षा की। साथ ही ‘उल्लास नवभारत साक्षरता महापरीक्षा’ की तैयारियों पर भी चर्चा की गई। कलेक्टर ने कहा कि विद्यालयों में शिक्षकों की मेहनत विद्यार्थियों की सफलता में झलकनी चाहिए, क्योंकि विद्यार्थियों की उपलब्धि ही शिक्षकों की असली पहचान है।

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