शुक्रवार, घरघोड़ा

घरघोड़ा:
शुक्रवार को घरघोड़ा में पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के जन्मदिन के पावन अवसर पर ईद-ए-मिलाद-उन-नबी का पर्व अत्यंत श्रद्धा, उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया। नगर के छोटे-बड़े सभी वर्गों—वरिष्ठ, युवा, महिलाएं, पुरुष और बच्चे—ने मिलकर भाईचारे और सामाजिक सद्भाव का अनूठा संदेश दिया।
इस्लामी चांद्र कैलेंडर के तीसरे महीने रबी-अल-अव्वल की 12वीं तारीख को आने वाला यह पर्व, पैगंबर साहब की शिक्षाओं को याद कर मानवता और एकता का संदेश फैलाने वाला पर्व माना जाता है।

शहर भर में सजी रोशनी और झांकियां:


त्योहार की रौनक देखने लायक रही। नगर की मस्जिदों, कब्रिस्तानों, ईदगाह, प्रमुख गलियों और मुख्य बाजारों को रंग-बिरंगी रोशनी, बैनर और झांकियों से सजाया गया। जगह-जगह पारंपरिक पकवान बनाए गए और श्रद्धालुओं के बीच वितरण किया गया।

ऐतिहासिक जुलूस-ए-मोहम्मदी निकला:

मुस्लिम जमात घरघोड़ा की अगुवाई में शुक्रवार को भव्य जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला गया। यह जुलूस मस्जिद से प्रारंभ होकर हनुमान चौक, जय स्तंभ चौक, अंबेडकर चौक, दुर्गा मंदिर चौक और कारगिल चौक से होते हुए ईदगाह रेस्ट हाउस के सामने संपन्न हुआ।
इस जुलूस में हजारों लोगों ने भाग लिया। दुपहिया वाहनों पर सवार बच्चे, युवा और विभिन्न नगरवासियों की भागीदारी आकर्षण का केंद्र रही। पूरे मार्ग में तकरीरें (धार्मिक प्रवचन) दी गईं, जिनमें पैगंबर मोहम्मद साहब की सीरत और उनके संदेशों को विस्तार से बताया गया।

स्वागत और सामाजिक एकता:

नगर के विभिन्न स्थलों पर जुलूस का बड़े हर्षोल्लास से स्वागत किया गया। समुदाय के लोगों ने अपने-अपने प्रतिष्ठानों एवं घरों के सामने श्रद्धालुओं का स्वागत किया—पेयजल, मिष्ठान और फूलों की वर्षा के साथ।
कार्यक्रम में नगर पंचायत अध्यक्ष सुरेंद्र चौधरी, उपाध्यक्ष अमित त्रिपाठी सहित कई अन्य समुदायों के प्रतिनिधियों ने भी शामिल होकर आपसी भाईचारा और एकता का संदेश दिया।

पुलिस-प्रशासन की चाक-चौबंद व्यवस्था:

विशाल भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने पूरे रैली मार्ग पर ट्रैफिक और सुरक्षा की व्यवस्थाओं को मजबूती से संभाला। प्रशासन के साथ कमेटी के सदस्यों ने भी अनुशासन और सहयोग में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

दुआ और प्रार्थना:

छोटे बच्चो और मौलानाओं को माला पहनाकर सम्मानित किया गया। इमाम ने देश की एकता, अखंडता, भाईचारा और खुशहाली के लिए दुआ की।