हाई सिक्यूरिटी नम्बर लगाने में पीछे,अब कटेगा चालान भी

छत्तीसगढ़ में एचएसआरपी लगाने की रफ्तार सुस्त, अक्टूबर से चालान की तैयारी


छत्तीसगढ़ में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) लगाने का काम बेहद धीमी रफ्तार से चल रहा है। परिवहन विभाग के आंकड़े बताते हैं कि प्रदेश में 52 लाख 48 हजार 478 पंजीकृत वाहन हैं, लेकिन इनमें से अब तक केवल 7 लाख 31 हजार गाड़ियों में ही एचएसआरपी नंबर प्लेट लग पाई है। वहीं 3 लाख 40 हजार नंबर प्लेट बनाने का ऑर्डर जारी हुआ है। इस तरह से 45 लाख से ज्यादा वाहन अब भी पुराने नंबर प्लेट के साथ सड़क पर दौड़ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जिन वाहनों में एचएसआरपी प्लेट लगी है, उनमें से करीब 30 फीसदी वाहन मालिकों ने स्वेच्छा से नहीं, बल्कि आरटीओ और ट्रैफिक पुलिस की टीम द्वारा सड़क पर रोककर फार्म भरवाने के बाद ही इसे लगवाया। विभाग ने 30 सितंबर तक का अल्टीमेटम दिया है और चेतावनी दी है कि 1 अक्टूबर से जिन वाहनों पर एचएसआरपी नहीं मिलेगी, उनका 1000 रुपए का चालान काटा जाएगा। साथ ही मौके पर ही वाहन मालिकों से फार्म भरवाने की कार्रवाई होगी।

रायपुर में सिर्फ 17 फीसदी वाहनों पर नई प्लेट
राजधानी रायपुर की स्थिति पर नजर डालें तो यहां 13 लाख 34 हजार पंजीकृत गाड़ियां मौजूद हैं। इनमें से सिर्फ 2 लाख 36 हजार गाड़ियों पर ही एचएसआरपी नंबर प्लेट लगाई जा सकी है। करीब एक लाख वाहन मालिकों ने आवेदन जरूर कर दिया है, लेकिन अब तक प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है। हैरानी की बात है कि 10 महीने की मेहनत के बाद भी महज 17 फीसदी वाहनों तक ही नई प्लेट लग सकी है। इस धीमी रफ्तार से विभाग की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि तय समयसीमा अब खत्म होने वाली है और लाखों वाहन चालकों पर चालान की तलवार लटक रही है।

15 साल पुराने वाहनों पर स्क्रैप का खतरा
प्रदेश में पंजीकृत वाहनों में 6 हजार से ज्यादा ऐसे वाहन भी शामिल हैं जो 15 साल की उम्र पार कर चुके हैं। नियमों के अनुसार इन वाहनों को स्क्रैप करने का निर्देश है। इनमें 1200 दोपहिया, 3 हजार से ज्यादा चारपहिया और करीब 1800 मालवाहक वाहन शामिल हैं। अकेले रायपुर जिले में ही 300 से ज्यादा गाड़ियां 15 साल पुरानी हो चुकी हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि शहर में अपंजीकृत वाहन भी सड़कों पर दौड़ रहे हैं, जिन पर जल्द सख्ती बरती जाएगी। इस पूरी कवायद का मकसद सड़क सुरक्षा और वाहन प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत करना बताया जा रहा है।

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