रायगढ़, 25 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ शासन के खनिज साधन विभाग ने रेत खदानों के आवंटन की पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से अब पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन माध्यम से संचालित करने का निर्णय लिया है। “छत्तीसगढ़ गौण खनिज (साधारण रेत) उत्पादन एवं व्यवसाय नियम 2025” के तहत राज्यभर में ई-नीलामी प्रणाली लागू की जा रही है। इसी क्रम में रायगढ़ जिले में द्वितीय चरण के अंतर्गत 6 रेत खदानों का आवंटन किया जाएगा। इनमें तहसील रायगढ़ के औंराभाठा और सहजपुरी, खरसिया के दर्रामुड़ा, धरमजयगढ़ के जोगड़ा, घरघोड़ा के कारीछापर तथा छाल के रीलो रेत खदान शामिल हैं। विभाग द्वारा इन खदानों के लिए ऑनलाइन निविदा 24 अक्टूबर को जारी की गई है। इच्छुक आवेदक एमएसटीसी पोर्टल के माध्यम से अपनी बोली लगा सकेंगे।

14 से 20 नवम्बर तक होगी ई-नीलामी प्रक्रिया

जारी कार्यक्रम के अनुसार, तकनीकी और वित्तीय बोली प्रक्रिया 14 नवम्बर की सुबह 10 बजे से प्रारंभ होकर 20 नवम्बर 2025 की शाम 5.30 बजे तक चलेगी। इस दौरान आवेदक एमएसटीसी पोर्टल के जरिए अपनी बोली ऑनलाइन जमा कर सकेंगे। पूरी नीलामी “रिवर्स ऑक्शन” प्रणाली पर आधारित होगी, जिससे उच्चतम बोलीदाता को खदान आवंटन का अवसर मिलेगा। विभाग का कहना है कि नई प्रणाली से रेत खदानों के आवंटन में पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित होगी, साथ ही राजस्व में भी बढ़ोतरी की उम्मीद है।

डिजिटल सिग्नेचर और जरूरी दस्तावेज अनिवार्य

ई-नीलामी में भाग लेने के लिए आवेदक को क्लास-3 डिजिटल सिग्नेचर (साइनिंग एवं इनक्रिप्शन) के साथ बैंक खाता, मूल निवास प्रमाणपत्र, पैन कार्ड, टीआईएन नंबर, जीएसटीएन, आधार कार्ड और दो शपथ पत्र प्रस्तुत करना आवश्यक होगा। निविदा से संबंधित विस्तृत जानकारी एमएसटीसी पोर्टल, खनिज साधन विभाग की वेबसाइट, रायगढ़ जिला प्रशासन की वेबसाइट तथा संबंधित ग्राम, जनपद और जिला पंचायत कार्यालयों के सूचना पटलों पर उपलब्ध है। इच्छुक व्यक्ति अधिक जानकारी के लिए खनि अधिकारी रायगढ़ से संपर्क कर सकते हैं।

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