शहर में शुक्रवार तड़के उस वक्त सनसनी फैल गई जब शहर में नदी में एक व्यक्ति का शव बहता हुआ दिखाई दिया। जानकारी के अनुसार, बीती रात रिवर व्यू और पुल के पास हमेशा की तरह युवकों का जमावड़ा लगा था। कुछ युवक मोबाइल से तस्वीरें ले रहे थे, तभी उन्हें नदी की तेज धार में किसी व्यक्ति का हाथ दिखाई दिया। उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने एसडीआरएफ टीम की मदद से रातभर रेस्क्यू अभियान चलाया और भारी मशक्कत के बाद शव को बाहर निकाला।घटना बिलासपुर के अरपा नदी की है जहां मृतक की पहचान हाईकोर्ट अधिवक्ता राहुल अग्रवाल के रूप में हुई है।
रात में लावारिस हालत में मिली थी कार, सुबह नदी में मिला शव
मिली जानकारी के अनुसार, अधिवक्ता राहुल अग्रवाल मूलतः भाटापारा के निवासी थे और पिछले सात वर्षों से मंगला क्षेत्र में रहकर बिलासपुर हाईकोर्ट में प्रैक्टिस कर रहे थे। गुरुवार रात वे अपने एक मित्र की शादी में शामिल होने मोपका गए थे। रात करीब 12 बजे उनकी कार अरपा पुल के बीचोंबीच लावारिस हालत में खड़ी मिली। लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी, जिस पर रात तीन बजे पुलिस ने कार को थाने पहुंचा दिया। उधर, देर रात तक राहुल अग्रवाल घर नहीं लौटे, तो परिजनों ने उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। शुक्रवार सुबह अरपा नदी में शव मिलने की सूचना मिली, जो उसी स्थान के नीचे मिला जहां पुल पर उनकी कार खड़ी थी।
प्रारंभिक जांच में आत्महत्या की आशंका, पुलिस कर रही जांच
घटना ने पूरे शहर में शोक और रहस्य दोनों फैला दिए हैं। अधिवक्ता राहुल अग्रवाल के शव की स्थिति और घटनास्थल के हालात को देखते हुए पुलिस ने प्रारंभिक तौर पर आत्महत्या की आशंका जताई है, हालांकि अभी मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि यह आत्महत्या थी या कोई अन्य कारण। घटना की खबर फैलते ही अधिवक्ता समुदाय और परिचितों में गहरा दुख व्याप्त है।


