10 साल पुराने रिकॉर्ड टूटने की आशंका, विशेषज्ञों ने चेताया — आने वाले वर्षों में और खतरनाक हो सकती है गर्मी
नवतपा शुरू होने से पहले ही 45°C तक पहुंचा पारा, खदानें, उद्योग और जंगलों की कटाई को माना जा रहा बड़ा कारण
रायपुर। नवतपा शुरू होने से पहले ही छत्तीसगढ़ भीषण गर्मी की चपेट में आ गया है। प्रदेश के कई शहरों में तापमान 43 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच चुका है। बिलासपुर, राजनांदगांव, रायपुर, दुर्ग और रायगढ़ जैसे शहर तपते तवे में बदलते नजर आ रहे हैं। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक लू और तेज गर्म हवाओं का अलर्ट जारी किया है।
आज का तापमान बनाम 10 साल पहले का हाल
| शहर | वर्तमान तापमान (2026) | 10 साल पहले औसत मई तापमान |
|---|---|---|
| रायपुर | 43-45°C | 39-41°C |
| बिलासपुर | 45°C | 40-41°C |
| राजनांदगांव | 45°C | 40°C के आसपास |
| रायगढ़ | 42-43°C | 39-40°C |
| दुर्ग | 42°C+ | 39°C |
| कोरबा | 41-42°C | 38-39°C |
मौसम विभाग के पुराने रिकॉर्ड बताते हैं कि जिन तापमानों को पहले “असामान्य” माना जाता था, वे अब सामान्य बनने लगे हैं। 2022 में ही चेतावनी दी गई थी कि छत्तीसगढ़ में 10 साल पुराने गर्मी के रिकॉर्ड टूट सकते हैं।
आखिर क्यों तप रहा है छत्तीसगढ़?
- लगातार बढ़ती कोयला खदानें
- जंगलों की कटाई
- थर्मल पावर प्लांट और भारी उद्योगों का विस्तार
- कंक्रीट और धूल से बढ़ता “हीट आइलैंड इफेक्ट”
- जल स्रोतों का खत्म होना
- ग्लोबल वार्मिंग और एल-नीनो जैसी वैश्विक मौसमी परिस्थितियां
रायगढ़, कोरबा और बिलासपुर जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में स्थिति ज्यादा गंभीर मानी जा रही है। यहां दिनभर धूल, राख, गर्म हवाएं और भारी मशीनों से निकलने वाली गर्मी स्थानीय तापमान को और बढ़ा रही है। कई इलाकों में लोगों को शाम के बाद भी राहत नहीं मिल रही।
नवतपा अभी शुरू भी नहीं हुआ, आगे क्या होगा?
नवतपा 25 मई से शुरू माना जाता है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि अभी ही पारा 45°C तक पहुंच रहा है तो नवतपा के दौरान कुछ इलाकों में तापमान और ऊपर जा सकता है। हीटवेव की अवधि लंबी होने का भी खतरा है।
भविष्य को लेकर डराने वाली तस्वीर
विशेषज्ञ लगातार चेतावनी दे रहे हैं कि यदि पेड़ों की कटाई, अनियंत्रित खनन और प्रदूषण नहीं रुका तो आने वाले 5-10 वर्षों में छत्तीसगढ़ के कई शहर “अत्यधिक गर्म क्षेत्र” की श्रेणी में जा सकते हैं।
- दोपहर में बाहर निकलना जानलेवा हो सकता है
- बिजली और पानी की भारी कमी हो सकती है
- हीट स्ट्रोक से मौतों का खतरा बढ़ सकता है
- खेती और फसलों पर गंभीर असर पड़ सकता है
- बच्चों और बुजुर्गों के लिए गर्मी बड़ा स्वास्थ्य संकट बन सकती है
UV इंडेक्स भी बना बड़ा खतरा
प्रदेश में सिर्फ तापमान ही नहीं, UV इंडेक्स भी कई जगह “बहुत उच्च” श्रेणी में पहुंच रहा है। इसका मतलब है कि तेज धूप में ज्यादा देर रहने पर त्वचा और आंखों पर गंभीर असर पड़ सकता है।
प्रशासन और लोगों के लिए बड़ी चेतावनी
यदि अभी भी जल संरक्षण, हरियाली और प्रदूषण नियंत्रण पर गंभीर काम नहीं हुआ, तो छत्तीसगढ़ की गर्मी आने वाले वर्षों में राजस्थान और विदर्भ जैसी चरम स्थिति तक पहुंच सकती है। फिलहाल डॉक्टरों ने लोगों को दोपहर 12 से 4 बजे तक घर से बाहर न निकलने, लगातार पानी पीने और बच्चों-बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है।
